सीआरबी को भा गया एसईसीआर के बाॅयो टायलेट का बदलाव
रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा बॉयो टॉयलेट्स में किए गए बदलाव को बारीकी से समझा। उसे किस तरह से जनोपयोगी बनाया गया है उसे देखा। इसके अलावा ट्रेनों के अंदरूनी हिस्से की बारीकी से जांच के लिए बैटरी चलित टॉय कार के उपयोग को भी देखा। एसईसीआर के इनोवेशन की उन्होंने सराहना की।
63वें अखिल भारतीय रेल सप्ताह पुरस्कार समारोह में रविवार को भोपाल में तीन दिवसीय रेल प्रदर्शनी शुरू की गई। जिसमें सारे जोनल रेलवे, रेलवे के समस्त पब्लिक सेक्टर, अंडरटेकिंग एवं रेल मंत्रालय के स्टाल लगाए गए हैं। प्रदर्शनी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अन्वेषण जैसे एलईडी कैरियर सह कैम रिकार्ड एवं बायो टायलेट में किए गए सुधारों को माडल के माध्यम से दर्शाया है। अमरकंटक में आप्टिकल फाइबर केबल के माध्यम से उपलब्ध कराए गए संचार सुविधा के बारे में भी चेयरमैन रेलवे बोर्ड को विस्तार से बताया गया। चेयरमैन ने इन सभी नवाचार की सराहना की और इसको बाकी जोनल रेलवे में भी लागू किए जाने की बात कही। इस संचार सुविधा का जीवंत प्रदर्शन भी चेयरमैन रेलवे बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही इस प्रदर्शनी में लगाए गए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के स्टाल में रेल कर्मचारियों की समस्याओं के निवारण के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में बनाए गए ‘दर्पण’ एप्लीकेशन तथा रेल लाइनों के मेंटेनेंस करने वाली ट्रैक मशीनों के लिए बनाए गए ‘टकराव रोधी’ यंत्र को भी प्रदर्शित किया गया है ।
एसईसीआर का इनोवेशन देखते रेलवे बोर्ड चेयरमैन।
नेचुरल ड्राफ्ट इनडूसड वेंटिलेशन सिस्टम
बायो टैंक पूर्णतः बंद होने के कारण प्राकृतिक वेंटिलेशन के अभाव में इसमें बदबू आने लगी थी। इसे दूर करने कोचिंग डिपो बिलासपुर में नेचुरल ड्राफ्ट इनडूसड वेंटिलेशन सिस्टम बनाया गया। इसमें 2 फ़नेल विपरीत दिशा में एक टॉयलेट में लगाए गए हैं। फ़नेल को कोच के टॉयलेट से जोड़ा गया है। गाड़ी चलने पर ताजी हवा ‘वायु दाब’ से अंदर आती है और पूरे कोच टॉयलेट को फ्लश करते हुए दूसरे फनेल से बाहर चली जाती है।
एलईडी कैरियर सह कैम रिकॉर्डर
कोचिंग डिपो बिलासपुर ने खिलौना कार को एक एलईडी कैरियर सह कैम रिकॉर्डर’ में विकसित किया गया है। जिससे कैरिज एवं वैगन विभाग के कर्मचारियों को पिट लाइन निरीक्षण में आसानी हो रही है। बारीक से बारीक गड़बड़ी भी पकड़ में आ जा रही है। संरक्षा की दृष्टि से यह उपयुक्त है। इस गाड़ी में 2 कैमरे लगे हुए हैं जिनको मॉडेम के माध्यम से ग्लोबल इन्टरनेट पे अपलोड कर दिया जाता है।