5 दोस्तों ने शुरू की सेवा, रोज बांटते हैं 150 रोटियां
सिम्स में मरीज के परिजनों के लिए रोजाना 150 सेवा रोटियां बंटती हैं। पांच दोस्तों के खुद के निर्णय से शुरू हुआ यह अभियान अब उनका लक्ष्य बन गया है। तीन साल पहले यह अभियान कुछ अलग करने की मंशा से शुरू किया गया था। इस अभियान में अब कुछ परिवार भी जुड़ने लगे हैं।
सिम्स में रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज आते हैं। उन मरीजों के साथ उनके परिजन भी होते हैं जाे ग्रामीण इलाकों के होते हैं। गरीब परिवार के होने के कारण उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनमें सबसे बड़ी समस्या उन्हें भोजन करने की भी होती है। भोजन के लिए बर्तन और सामान तक के लिए उनके पास पैसे नहीं होते। ऐसे में उन परिजनों को रोजाना सेवा रोटी उपलब्ध कराने का काम हो रहा है। यह अभियान शुरू करने वालों में प्रवीण कोचर, राज साधवानी,अभिषेक मिश्रा, राजेश चंदवानी और नवीन कोठुरवार शामिल थे। इस संबंध में प्रवीण कोचर ने बताया कि अब सेवा रोटी बांटने वालों के लिए सदस्यों की संख्या 110 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा दो परिवारों की ओर से भी पांच-पांच रोटियां हमें रोजाना मिल रही है। सिम्स में मरीजो के परिजनों की समस्या को देखकर ही हम लोगों ने यह अभियान शुरू किया। शुरूआत में बंटने वाली रोटियों की संख्या कम थी लेकिन वर्तमान में रोजाना 150 सेवा रोटी रोजाना बांट रहे हैं। सिम्स के अलावा मंदिर के सामने बैठे भिखारियों को भी सेवा समिति की ओर से रोटी बांटी जाती है। प्रत्येक परिजन को दो रोटी और आचार दिया जाता है लेकिन बांटने वाले को यह हिदायत दी जाती है कि वे किसी भी सूरत में आचार मरीज को न दें।
अब हैं 150 मेंबर, खुद की 100 रुपए मासिक बचत से चलता है अभियान, मरीज के परिजनों को बांटते हैं रोटियां
सिम्स में मरीज के परिजन को रोटी बांटते युवा।
जिन मरीजों के साथ अटेंडेंट नहीं उन्हें बर्तन और वॉकर भी दिया
जिन मरीजों के साथ अटेंडेंट नहीं हैं उनके लिए सेवा समिति की ओर से बर्तन और वाकर भी दिए गए हैं। आगे की प्लानिंग में समिति का पूरा फोकस फिलहाल इस व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने में है। उनका कहना है कि हमें भी कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पूरी तरह व्यवस्था दुरुस्त होने पर ही वे इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।