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ट्रेनिंग सेंटर खुले तो पदोन्नति की राह हुई आसान

3 वर्ष पहले
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन ने कर्मचारियों को तकनीकी ट्रेनिंग देने के लिए तीन सेंटर खोल दिया है। इससे कर्मचारियों को बेहतर ट्रेनिंग के साथ-साथ पदोन्नति भी जल्दी मिल रही है। जोन में ही ट्रेनिंग सेंटर होने से दूसरे जोन पर निर्भरता खत्म हो गई है। अब जोन के अफसर अपने ही कर्मचारियों को हर काम में निपुण बनाने में जुट गए हैं।

दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के बिलासपुर मंडल में दो और नैनपुर में एक कर्मचारी ट्रेनिंग सेंटर है। इनमें बिलासपुर में उसलापुर और लोको खोली में यह सेंटर हैं। इन सेंटरों को खुल जाने से कर्मचारियों की तकनीकी प्रशिक्षण मजबूत हुई है वहीं प्रशिक्षण में देर की वजह से पदोन्नति में हाेने वाली देरी से भी निजात मिल गया है। इन ट्रेनिंग सेंटरों में अपनी कार्यप्रणाली से संबंधित सभी बातों की ट्रेनिंग दी जाती है। इनके अलावा कई छोटे- छोटे ट्रेनिंग कार्यालय भी हैं जहां कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाता है। विद्युत लोको पायलट, सहायक लोको पायलट एवं गार्ड का प्रशिक्षण उसलापुर विद्युत लोको पायलट, सहायक लोको पायलट एवं गार्ड प्रशिक्षण केंद्र में दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के लिए पहले सीनी जाना पड़ता था। यहां पर प्रशिक्षण की समय अवधि भी अलग- अलग समय के लिए होती है। कई प्रशिक्षण 6 दिन या 2 दिन के भी होते हैं। अल्पकाल से लेकर 3 महीने या 103 दिन का भी प्रशिक्षण होता है। डीजल इंजन के ड्राइवर को इलेक्ट्रिकल इंजन ड्राइवर बनाने की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है।

इस मशीन से मिल रही ट्रेन चलाने की ट्रेनिंग

उसलापुर प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षण

2014-15 2015-16 2016-17 2017-18

2063 2184 2564 2132

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