30 दिन में पकड़े गए 200 नकलची, पर्चा लीक और मोबाइल के उपयोग पर कार्रवाई नहीं
एजुकेशन रिपोर्टर | बिलासपुर
बिलासपुर यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षा 30 दिन हो चुके हैं। वहीं 28 अप्रैल को अंतिम परीक्षा है। यूनिवर्सिटी की 4 उड़नदस्ता टीम ने अब तक 200 नकल परीक्षा केंद्रों में पकड़ चुके हैं। वहीं सीएमडी कॉलेज में पेपर लीक मामला भी इसी दौरान हुअा है। इसके अलावा कुलपति प्रो. जीडी शर्मा ने डीपी विप्र कॉलेज में परीक्षा के दौरान मोबाइल का उपयोग कर रहे पर्यवेक्षक को भी पकड़ा। सीएमडी कॉलेज में भी मोबाइल का उपयोग करते पर्यवेक्षक को पाया गया, लेकिन यूनिवर्सिटी ने कार्रवाई जेआरडी कॉलेज पामगढ़ पर की। जिसमें 8 छात्र परीक्षा दे रहे थे। जहां पर्यवेक्षक ने जांच कर छात्रों से नकल पकड़ी थी।
बिलासपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध 170 कॉलेज हैं। इन कॉलेज के 1 लाख 59 हजार छात्र 91 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा दे रहे हैं। यूनिवर्सिटी ने 91 परीक्षा केंद्र बनाई है, लेकिन किसी का भी निरीक्षण नहीं की। वहीं पीपरतराई के सीएसआर कॉलेज में बिना केंद्राध्यक्ष नियुक्त किए ही परीक्षा चल रही है। यूनिवर्सिटी ने केंद्रों में नकल रोकने 4 उड़नदस्ता टीम गठित की है। इसमें एक केंद्रीय उड़नदस्ता टीम है। वहीं कोरबा, जांजगीर, रायगढ़ के लिए एक-एक उड़नदस्ता टीम बनी है। इन टीमों में यूनिवर्सिटी ने एक भी महिला शिक्षक को नहीं रखी है। उड़नदस्ता के चेकिंग के दौरान छात्राओं ने आपत्ति भी की हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीण पाण्डेय के अनुसार 30 दिन में उड़नदस्ता टीम ने 200 नकल प्रकरण बनाई है। वहीं केंद्रों द्वारा बनाए गए नकल प्रकरण अभी यूनिवर्सिटी नहीं आए हैं। सीएमडी में पेपर लीक मामला हुआ। अभी भी परीक्षा समन्वयक डॉ. कमलेश जैन, उपकेंद्राध्यक्ष डॉ. पीएल चंद्राकर पर कार्रवाई नहीं हुई। पर्यवेक्षक सीएमडी व डीपी विप्र कॉलेज में मोबाइल का उपयोग कर रहे थे। उन पर यूनिवर्सिटी ने कार्रवाई नहीं की है। वहीं जेआरडी कॉलेज में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों ने यूनिवर्सिटी के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि 8 शिक्षक परीक्षा दे रहे थे, पर्यवेक्षक ने एक छात्र से नकल करते गाइड पकड़ी। इस दौरान उड़नदस्ता टीम पहुंची और पर्यवेक्षक के ऊपर नकल प्रकरण बनाई। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने केंद्र बदल दिया। यूनिवर्सिटी ने कॉलेज को अभी तक शोकॉज नोटिस भी नहीं जारी किया है। वहीं जहां पेपर लीक हुआ, वहां यूनिवर्सिटी के अधिकारी जांच करने भी नहीं गए। सीएमडी कॉलेज में एक ही पाली में एक ही कमरे में 11 नकलची पकड़ाए, पर कार्रवाई नहीं हुई।
बड़े कॉलेजाें को छोड़कर पामगढ़ के जेआरडी केंद्र की कर दी गई मान्यता समाप्त
बैठक व्यवस्था, साफ-सफाई नहीं थी, इसलिए बदला गया केंद्र
बिलासपुर यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीण पाण्डेय ने कहा कि जेआरडी कॉलेज निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था। वहां बैठक व्यवस्था, पानी, साफ-सफाई नहीं थी। इसकी शिकायत यूनिवर्सिटी की परीक्षा व्यवस्था देखने वाली टीम ने की थी। इसलिए परीक्षा केंद्र बदला गया।
ड्यूटी के लिए पर्यवेक्षक नहीं
यूनिवर्सिटी दो साल से लगातार नोटिस जारी कर रही थी कि जिस कॉलेज में कैमरा नहीं रहेगा, उसे परीक्षा केंद्र नहीं बनाएंगे। यूनिवर्सिटी ने 91 परीक्षा केंद्र बनाई है। इन सभी में 8 से 10 कमरों में परीक्षा चल रही है, लेकिन कैमरा सिर्फ 3 से 4 कमरे में लगा है। कुछ केंद्रों में तो एक भी कैमरा नहीं है। वहीं तीनों पाली की परीक्षा में ड्यूटी करने के लिए प्रोफेसर ही नहीं हैं। कुछ केंद्रों में छात्रों से ड्यूटी कराई जा रही है।