मोपका विवेकानंद काॅलोनी निवासी प्रीति उदासी पिता स्व चंदु कुमार उदासी मकान नं 100 में रहकर पढ़ाई लिखाई करती है। 16 मई की शाम को 8 बजे घर में ताला बंद कर सामने रहने वाले दिलीप मनवाड़ी को घर की देखरेख करने चाबी देकर मां के साथ भोपाल चली गई थी। शनिवार दोपहर 12 बजे लौटी तो दिलीप नहीं था। मेन गेट पर ताला बंद था। प्रीति कूदकर भीतर गई तो सामने के दरवाजा का ताला टूटा हुआ था और भीतर आलमारी खुली थी। सामान अस्त व्यस्त पड़ा हुआ था। आलमारी से सोने का मंगल सूत्र, चांदी की पायल, चांदी की बिछिया, कपड़े सहित करीब एक लाख रुपए का माल गायब था। उसने थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जुर्म दर्ज कर लिया है।
अपराध