नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की सड़कों की खुदाई किए बगैर ही उसके ऊपर ही फिर से सड़कें बना दी जाती हैं, इससे मकानों व दुकानों का लेवल कम होता जा रहा है। इस वजह से बाहर का गंदा पानी घरों के अंदर घुसता है, साथ ही घरों से पानी निकासी की समस्या भी होती है। इसे लेकर लगाई गई जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने जनवरी में दिए गए आदेश में संबंधित विभागों को समस्या दूर करने के निर्देश दिए थे। कार्रवाई नहीं होने पर याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई थी।
बिलासपुर में रहने वाले केके पालिया और अंबिकापुर में रहने वाले दीपन चक्रवर्ती ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका प्रस्तुत कर बताया था कि शहरों के अंदर से गुजरने वाली नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की सड़कों की ऊंचाई लगातार बढ़ती जा रही है। पहले से बनी सड़कों की खुदाई किए बगैर ही उसके ऊपर ही दोबारा सड़क बना दी जाती है, इससे मकानों व दुकानों का लेवल लगातार कम होता जा रहा है। घरों का लेवल सड़कों से नीचे होने के कारण बारिश के मौसम में बाहर का गंदा पानी घरों के अंदर घुसता है, साथ ही पानी निकासी की समस्या भी होती है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी भविष्य में सड़क बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी मैन्युअल में निर्धारित मापदंडों का पालन किया जाए। पुरानी सड़कों को उखाड़कर ही नई सड़क बनाई जाए। हाईकोर्ट ने 16 जनवरी 2018 को दिए गए आदेश में याचिकाकर्ताओं को अपनी समस्याओं की जानकारी संबंधित विभागों के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से देने के निर्देश दिए थे। विभागों को समस्या दूर करने के निर्देश दिए गए थे। याचिकाकर्ताओं ने नगरीय प्रशासन विभाग व पीडब्ल्यूडी के सचिव और संबंधित नगर निगम के आयुक्तों को आवेदन दिए, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका प्रस्तुत की गई थी। इस पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 14 मई 2018 को दिए गए फैसले में संबंधित विभागों को हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा है। निर्देशों का पालन नहीं होने की स्थिति में हाईकोर्ट से अवमानना याचिका पर सुनवाई का आग्रह सुप्रीम कोर्ट ने किया है।
जनवरी में दिए गए फैसले में हाईकोर्ट ने संबंधित विभागों को समस्या दूर करने के लिए कहा था
सड़क के ऊपर इस तरह बनाई जा रही सड़क।
जानिए क्या है नियम
नगर निगम को सड़कों की ऊंचाई निर्धारित करने के बाद ही काम करना है। इसके साथ ही पुरानी सड़क को उखाड़ने के बाद ही नई सड़क बनानी है, लेकिन इस नियम का पालन नहीं किया जाता। पुरानी सड़क के ऊपर ही बार-बार सड़क बनाने से मकानों और दुकानों का लेवल कम होता जाता है।