बिरनी प्रखंड के वृंदा गांव में सेनेट्री नेपकिन पैड बना रही किरण कुमारी की खबर दैनिक भास्कर में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों का आना-जाना लगातार जारी है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी वृंदा गांव पहुंच कर सेनेट्री नेपकिन पैड बना रही महिलाओं से जानकारी हासिल किया। टीम में स्वयं बिरनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. राकेश रंजन सिंह, बीपीएम व एएनएम सहित कई अधिकारी शामिल थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सबसे पहले गांव पहुंच कर सेनेट्री नेपकिन पैड के निर्माण में होने वाले विभिन्न प्रकार के प्रयोग की जांच की। जिसके बाद निर्माण में क्या-क्या सावधानी बरती जा रही है। कैसे पैकेजिंग होता है इसकी भी जानकारी ली। इस बाबत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राकेश रंजन सिंह ने बताया कि वे प्रसन्न इस बात से हैं कि उनके क्षेत्र की महिलाओं ने स्वयं के हुनर से एक बेहतर आजीविका का स्रोत अपनाया है और जिस तरह पूरी स्टरलाइज तरीके से सेनेट्री नेपकिन पैड बना रही है। यह किसी बड़े फार्म से कम नहीं है। वे स्वयं रुचि लेते उन्हें सहायता करेंगे। कहा कि यह पैड पूर्णतः जैल युक्त्त है। इस तरह के पैड का इस्तेमाल करने से किसी तरह का कोई इंफेक्सन का डर नहीं होता। इस्तेमाल के बाद ही मिट्टी में घुलनशील हो जाता है और पर्यावरण के लिए सुरक्षित है। कहा कि वे स्वयं विभाग को पत्र लिखेंगे ताकि इसके हाथों से बनाए गए पैड का उपयोग सरकारी विभाग में कर सकें।
सेनेटरी पैड बनाने की विधि को देखते स्वास्थ्य कर्मी।