गोशाला में दान का झांसा देकर दो लाख 21 हजार की ठगी करने वाले ठगों की मोबाइल लोकेशन के आधार पर नागौर पहुंची बिसाऊ पुलिस को वहां कुछ हाथ नहीं लगा। पुलिस ने नागौर में ठग मां और बेटे का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
थानाधिकारी सोहनलाल ने बताया कि शुक्रवार को गोशाला संयोजक को गोशाला में 20 लाख रुपए का दान करने का झांसा देकर दो लाख 21 हजार की ठगी करने वाले मां-बेटे के मोबाइल नंबर 7728865988 की लोकेशन ट्रेस की तो लोकेशन नागौर के पास एक गांव में होटल की मिली। एएसआई मोतीलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम वहां पहुंची तो पुलिस को होटल की जगह गांव का चौक मिला। ठगों द्वारा काम में लिए गए मोबाइल की सिम जोधपुर के 485, जोगियों का बास निवासी टूंडाराम पुत्र उकाराम के नाम से जारी हुई मिली। यह सिम 24 फरवरी 2009 में जारी की गई थी। ठगी की वारदात में मां और बेटे हरियाणा नंबर की जिस कार में आए थे, वह फतेहाबाद के जढाेली खुर्द निवासी रोहित कुमार के नाम से रजिस्टर्ड है। अब पुलिस रोहित कुमार का पता लगाने हरियाणा गई है। थानाधिकारी सोहनलाल के अनुसार पिंजरापोल सोसाइटी संयोजक ओमप्रकाश पोदार ने शुक्रवार को थाने में रिपोर्ट दी थी कि अपने आप को मां और बेटा बताने वाले दो जनों ने उन्हें बताया कि वे हिसार में एक करोड़ 90 लाख रुपए में जमीन बेच कर आए हैं। इसकी 10 प्रतिशत राशि गोशाला में दान करना चाहते हैं। अगले दिन सुबह दोनों गोशाला आए। पोदार उन्हें अपने घर ले गए। वहां उन्होंने पोदार को बताया कि वे चारे की छह ट्रैक्टर ट्राॅली गोशाला में डलवा रहे हैं। एक ट्राॅली मेरी मां की तरफ से डलवानी है बाकी पांच ट्राॅली का पैसा दो लाख 21 हजार एक रुपए हमें दे दीजिए इसके बदले उन्होंने इंडस इंड बैंक का दस लाख रुपए का चैक उन्हें दिया जिसमें अंकों में एक लाख तथा शब्दों में दस लाख लिखा था। पोदार ने विश्वास करके मां और बेटे को चारे की ट्रॉलियों का भुगतान करने के लिए दो लाख 21 हजार एक रुपया दे दिया। इसके मां और बेटा वहां से चले गए। पोदार चैक लेकर बैंक में गए तो कैशियर ने बताया कि अंकों तथा शब्दों में अलग-अलग राशि लिखी है, तो उन्हें भी गड़बड़ी की आशंका हुई। इस बीच चारा लेकर आए ट्रैक्टर ट्रालियों के चालकों ने गोशाला आकर चारे का भुगतान मांगा तो पोदार के और भी होश उड़ गए। पुलिस ने दोनों मां बेटे के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर मलसीसर स्टैंड पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो हरियाणा नंबर की वह कार दिखाई दी, जिसमें मां और बेटा आए थे।