गोशाला संयोजक ओमप्रकाश पोदार से दो लाख 21 हजार की ठगी करने वाले कथित मां बेटे की तलाश में हरियाणा गई पुलिस टीम वहां से भी खाली हाथ लौट आई। इन दोनों को पकड़ने बिसाऊ पुलिस पहले उनके मोबाइल की लोकेशन पर नागौर के एक गांव गई थी, लेकिन वहां कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
पुलिस ठगों की कार के नंबर के आधार पर हरियाणा के फतेहाबाद के जढाेली खुर्द निवासी रोहित कुमार पुत्र जयकिशन के यहां पहुंची तो वहां माजरा कुछ और ही निकला। वहां के ग्राम पंचायत के सरपंच ने पुलिस को बताया कि रोहित की कार तो वहां है और उसका रंग दूसरा है। यानी साफ हो गया कि ठग जो गाड़ी लेकर आए थे, उस पर लगाई नंबर प्लेट इसी कार की थी। बिसाऊ की पुलिस और गोशाला संयोजक के परिवार के कुछ सदस्य पिछले दो-तीन दिन से ठगों को पकड़ने के लिए नागौर व हरियाणा के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन शातिर ठगों का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। बताया जाता है कि गोशाला संयोजक को ठगने से पहले ठगों ने दो दिन तक रैकी कर संयोजक के गतिविधियों की जानकारी जुटाई थी। गोशाला में चारा डलवाने के लिए चारे की ट्रालियां भी हरियाणा के हिसार जिले के गांव दरियापुर के चारा बेचने वालों को प्रति क्विंटल 350 की जगह 450 रुपए देने का लालच देकर बिसाऊ लाए थे।