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अधिक उत्पादन की आस में बुआई की शुरू, दो सौ हेक्टेयर में लगाया कपास

3 वर्ष पहले
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अधिक उत्पादन की उम्मीद में किसानों ने खरीफ बोवनी से पहले गर्मी का कपास लगाना शुरू कर दिया है। अब तक 200 हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है। नवतपा 25 मई से शुरू हो रहा है। बारिश की संभावनाओं के बीच बेहतर सिंचाई के संसाधनों के क्षेत्र में बोवनी में तेजी आ सकती है। हालांकि कृषि विभाग के अफसर अभी तापमान अधिक होने से कोई भी फसल नहीं लगाने की सलाह दे रहे हैं।

इसके बाद भी क्षेत्र के बिस्टान, बन्हेर, बोरखेड़ा, देवला व मोहना के किसानों ने गर्मी के मौसम के कपास की चौपाई शुरू कर दी है। बन्हेर के किसान कमल कछवाहे ने बताया खेत में पानी देने के बाद गुरुवार से कपास बीज की चौपाई शुरू की है। जमीन अधिक है। आने वाले दिनों में और कपास लगाना है। किसान दिनेश गुप्ता व गोपाल मराठा ने बताया गर्मी के मौसम में लगाए कपास का उत्पादन बारिश के कपास से दोगुना होता है। बिस्टान के किसान राजू मराठा ने बताया किसानों के पास कोई विकल्प नहीं होने से कपास, सोयाबीन व मक्का की बुवाई करनी पड़ती है। पिछले साल कपास के भाव 4000 से 4500 रुपए क्विंटल ही मिले थे। वर्ष 17-18 में भगवानपुरा विकासखंड में 11079 हेक्टेयर में कपास फसल किसानों ने लगाई थी।

खेतों में कपास बुवाई का काम शुरू हुआ।

तापमान कम होने पर करें बुवाई

पंजीकृत व पहचान वाली दुकान से कपास का सर्टिफाइड बीज व पक्का बिल लें। तापमान कम होने पर कपास के बीज की चौपाई करें। गजेंद्रसिंह सोलंकी, कृषि विस्तार अधिकारी

एक सप्ताह बाद हाेगी बुवाई में तेजी

कसरावद | खरीफ फसल बुवाई को लेकर किसान खेतों को तैयार करने में जुटे हैं। सिंचाई सुविधा रखने वाले किसान अगले सप्ताह नवतपा के साथ बुवाई का काम शुरू करेंगे। कृषि विभाग की सलाह पर जून में बुवाई करेंगे। इस बार कपास फसल पर अधिक रुझान रहेगा। इसको लेकर किसान दुकानों पर पहुंचकर नवीनतम बीज की जानकारी जुटा रहे हैं। बीज विक्रेता भूपेंद्र राठौर, लोकेंद्रसिंह पटेल, भरतसिंह चौहान, लालाराम पाटीदार व ईश्वर सिंह ने बताया किसान उत्तम क्वालिटी का कपास बीज खरीद रहे हैं। कृषि विभाग के अनुसार पिछले साल 35 हजार हैक्टेयर में कपास, 9 हजार हैक्टेयर में सोयाबीन व 4 हजार हैक्टेयर में मक्का फसल की बुवाई हुई थी।

जल्दबाजी न करें किसान

वर्तमान में तापमान अधिक होने से किसान फसल बुआई में जल्दबाजी न करें। 25 मई के बाद खेतों में बुवाई कर सकते हैं। लेकिन इस बार कपास व मक्का फसल पर किसानों का रुझान रहेगा। एके सोहनी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कसरावद

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