बोकारो | कर्नाटक विधानसभा चुनाव में विश्वास मत हासिल करने में भाजपा विफल रही। शक्ति परीक्षण के पहले ही येदियुरप्पा जी ने इस्तीफा दे दिया। इससे यह साबित हो गया कि सत्य परेशान हो सकता है, पर हार नहीं सकता। भाजपा कांग्रेस, जेडीएस विधायकों को तोड़ या खरीद नहीं सकी। भाजपा के सारे छल प्रपंच धरे के धरे रह गए। आगामी लोस चुनाव में भी भाजपा को विपक्षी पार्टियों के सामने नतमस्तक होना पड़ेगा।