10वीं के स्टूडेंट्स को नकारात्मकता और तनाव से दूर रहने के गुर बताए
चेन्नई की आध्यात्मिक संस्था श्री रामचंद्र मिशन तथा क्रिसेंट पब्लिक स्कूल के तत्वावधान में मंगलवार से विवेकानन्द हाॅल में तीन दिवसीय ध्यान योग कार्यशाला की शुरुआत की गई। यह कार्यशाला हृदय के ध्यान योग पर केन्द्रित है। इस कार्यशाला का मुख्य मकसद युवाओं के जीवन में बढ़ते तनाव, नकारात्मकता पर काबू पाना, मानसिक बीमारियों से मुक्ति तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों ने विद्यालय में हो रहे एनटीएसई के अतिरिक्त क्लासेस के साथ-साथ इस कार्यशाला में हिस्सा लिया तथा लाभ उठाते हुए जीवन में इसे आत्मसात करने का संकल्प लिया। रामचंद्र मिशन की प्रतिनिधि रेखा राजगोपाल तथा उनके पुत्र सिद्धार्थ राजगोपाल ने बच्चों को ध्यान एवं साधना के मूलमंत्रों और इसकी विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हार्टफुलनेश मेडिटेशन ध्यान की वह शाखा है जिसमें हृदय को एकाग्रचित किया जाता है जिससे कि मनुष्य में सकारात्मक सोच तथा नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने जीवन में विज्ञान एवं अध्यात्म के तुलनात्मक पहलुओं को भी बच्चों के सामने रखा। विद्यालय के पाली प्रभारी विजय कुमार ठाकुर ने इन आध्यात्मिक वक्ताओं का स्वागत किया। प्राचार्य अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि बच्चों में अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान की आवश्यकता है। जिससे कि बच्चे जीवन में व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ मानसिक शांति प्राप्त कर सकें। यह कार्यशाला आगामी गुरुवार तक कक्षा दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए जारी रहेगी। मौके पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक बसंत कुमार मिश्रा आदि थे।
दसवीं के बच्चों को तनाव से दूर रहने के गुर बतातीं प्रशिक्षिका।