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पति की लंबी उम्र के लिए वट-सावित्री की पूजा

3 वर्ष पहले
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तुपकाडीह | सुहागिनों ने ठाकुरटांड़ और महादेववर स्थित बरगद पेड़ की विधिवत पूजा की और पति के दीर्घायु होने की कामना की। साथ ही पुरोहित बसंत गोस्वामी, लक्ष्मण पंडित, कृष्ण मुरारी पांडेय, सीताराम पांडेय ने महिलाओं को सावित्री सत्यवान की कथा सुनाई। इसके बाद शनि देव की आरती की तथा देर रात तक दुर्गा मंदिर में गीत गाए।

फुसरो में वट सावित्री पूजा करतीं महिलाएं।

वट वृक्ष को रक्षा सूत्र बांधतीं महिलाएं।

सुहाग के अमरत्व के लिए की पूजा

भंडारीदह | सुहाग के अमरत्व को लेकर भंडारीदह, हेठबेड़ा, अलारगो, चिरूडीह, तारमी, तुरियो, कल्याणी आदि स्थानों में सुहागिनों ने व्रत रखकर वट सावित्री की पूजा-अर्चना की। वृक्ष के चारों ओर रक्षा सूत्र लपेटकर अपने अपने पति के दीर्घायु होने की कामना की। साथ ही दीप, धूप, कुमकुम, पुष्प, अक्षत, नारियल, श्रृंगार की सामग्री अर्पित कर पूजा की। पंडितों जी ने सावित्री तथा सत्यवान की कथा सुनाई। तो चंद्रपुरा में भी महिलाओं ने अपने पति के दीर्घायु होने की कामना करते हुए वट सावित्री की पूजा की। इस अवसर पर डीवीसी आवासीय कॉलोनी के पंच मंदिर, सिविल ऑफिस, झरनाडीह, स्टेशन रोड में पूजा की गई।

बोकारो थर्मल और ऊपरघाट में भी हुई पूजा

बोकारो थर्मल |
बोकारो थर्मल सहित गोविंदपुर में वट सावित्री पूजा हुई। शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत रखकर वट वृक्ष के नीचे पूजा करने से पति की आयु लंबी होती है। पंडितों ने कहा कि वट वृक्ष का महत्व है। पीपल रूपी विष्णु व जटारूपी शिव हैं। वट वृक्ष में ब्रह्मा जी, तने में विष्णु जी और डालियों एवं पत्तों में शिव का वास है।

तेनुघाट क्षेत्र में भी रही पूजा की धूम

तेनुघाट | तेनुघाट, घरवाटांड़, सरहचिया और आसपास के इलाकों में सुहागिन महिलाओं ने आस्था और श्रद्धापूर्वक वटसावित्री की पूजा की। पुजारी राजीव पांडेय ने बताया कि आदिकाल से हमारे पूर्वज प्रकृति की पूजा करते आ रहे हैं। माना जाता है कि बरगद वृक्ष की आयु बहुत लंबी होती है, इसलिए सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए वटवृक्ष की पूजा करती हैं।

अखंड सुहाग का पर्व है वट सावित्री

नावाडीह | नावाडीह प्रखंड के विभिन्न गांवों में वट वृक्ष के नीचे वट सावित्री पूजा की गई। सुहागन स्त्रियां वट सावित्री व्रत के दिन सोलह श्रृंगार कर सिंदूर, रोली, फूल, अक्षत, चना, फल और मिठाई से पूजा करती हैं। मौके पर पुष्पा देवी, गीता देवी, शांति देवी, ललिता देवी, किरण देवी, सुनीता देवी, गायत्री देवी, फुलमति देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं।

दुग्दा व दामोदा सहित आसपास के इलाकों में भी श्रद्धा से हुई पूजा

दुग्दा | दुग्दा, दामोदा सहित आसपास के इलाकों में श्रद्धा पूर्वक वट सावित्री की पूजा की गई। सुहागिनों ने वट वृक्ष में रक्षा सूत्र बांधकर अपने पति के दीर्घायु एवं अपनी संतान के अच्छे भविष्य की कामना की। इस अवसर पर पंडित जी ने बताया कि सभी सुहागिन महिलाओं को अपने सुखद वैवाहिक जीवन के लिए वट सावित्री पूजा करनी चाहिए।

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