तीन हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा
बोकारो के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रंजीत कुमार की अदालत ने सत्रवाद संख्या 425/13 में सुनवाई करते हुए डकुआ हत्याकांड के तीन आरोपियों मोइन खान उर्फ लंगड़ा, शब्बीर अंसारी उर्फ टेनी और सरफराज हुसैन उर्फ सरफराज उर्फ भोला को भादवि की धारा 302 में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
माराफारी थाना कांड संख्या 73/12 के तहत प्राथमिकी के अनुसार तीनों ने मिलकर आपसी विवाद को लेकर अब्दुल्ला खान उर्फ बबलू खान उर्फ डकुआ की हत्या कर दी थी। दर्ज प्राथमिकी में रांची मुहल्ला निवासी अरसे आलम ने कहा कि डकुआ 20 अक्टूबर 2012 की रात में अपने साथियों के साथ जाने की बात कहकर घर से निकला था। वह रात में नहीं लौटा और सुबह उसका शव बरामद हुआ। पुलिस की जांच में पैसे के विवाद को लेकर मोइन खान, सरफराज और शब्बीर के डकुआ की हत्या करने की बात सामने आई। अदालत ने तीनों आरोपियों को भादवि की धारा 302 का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत से बाहर निकलते दोषी।
प|ीहंता को आजीवन कारावास
बोकारो के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जनार्दन सिंह की अदालत ने सत्रवाद संख्या 12/16 में सुनवाई करते हुए अपनी दूसरी प|ी की हत्या करने के आरोपी मिथुन तांती को भादवि की धारा 302 का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। बीएस सिटी थाना कांड संख्या 517/15 के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोपी पर अपनी दूसरी प|ी सुमित्रा देवी की हत्या करने का आरोप था। दर्ज प्राथमिकी में दुंदीबाद के गुरूनानक नगर निवासी लक्ष्मी देवी ने कहा कि सेक्टर आठ गाढ़ा बासा निवासी मिथुन तांती उर्फ मिथुन बहादुर साव विधुर था और उसकी पुत्री सुमित्रा देवी विधवा थी। दोनों के दो-दो बच्चे थे। दोनों ने वर्ष 2011 में शिव मंदिर में शादी कर ली। 5 नवम्बर 2015 को वह शादी के पार्टी में काम करने गई थी और उनका पुत्र मंगल भी कहीं काम करने गया था। सुबह घर लौटी तो देखी कि सुमित्रा फर्श पर पड़ी है, उसकी मौत हो गई है। पड़ोसियों ने बताया रात में मिथुन और सुमित्रा के बीच में झगड़ा हो रहा था।