बोकारो पुलिस शांभवी की मौत की जांच करने में शिथिलता बरत रही है। इस कारण अभी तक मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। यह आरोप शांभवी के पिता संजय तिवारी ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में लगाया है। डेढ़ माह पूर्व चिन्मय विद्यालय की 12वीं की छात्रा शांभवी का शव कुलिंग पौंड में पाया गया था। वह बोकारो के सिटी सेंटर के एक निजी छात्रावास में रहकर पढ़ाई करती थी। उसके हाथ पर कट का निशान था और उसके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला था। जिसमें उसने लिखा था कि उसके पास और कोई रास्ता नहीं बचा है। घटना के कुछ दिन बाद भी शांभवी के पिता संजय तिवारी और मां कविता ने अपनी पुत्री की मौत को संदिग्ध बताया था। पुलिस ने उन्हें जांच का आश्वासन दिया था। शनिवार को शांभवी के पिता और मां ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर बोकारो पुलिस पर इस मामले की जांच में शिथिलता बरतने की आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घटना के डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस इस मामले से पर्दा नहीं उठा पाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस कॉल रिकार्ड निकाली है। परन्तु उसके आधार पर मामले की जांच नहीं कर रही है। उन लोगों ने कहा कि पुलिस प्रतीक और स्कूल के शिक्षक से पूछताछ नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि बोकारो से शांभवी के सामान ले जाने के बाद जब सामानो की जांच की तो उसमें से चिन्मय विद्यालय के एक अक्षय का लिखा हुआ पत्र मिला है। उसे उन लोगों ने पुलिस को दे दिया है। अगर पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर कॉल डिटेल की जांच करती और विद्यालय के कुछ छात्रों और शिक्षक से पूछताछ करती तो मौत के कारणों का पता चल जाता।
शांभवी की मां कविता ने कहा कि उनकी पुत्री आत्महत्या नहीं कर सकती है। उसकी हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि अगर मान भी लिया जाए कि वह आत्महत्या की है तो किसके दबाव में आत्महत्या की है।
पत्रकारों को जानकारी देते शांभवी के परिजन।