तेनु-बोकारो नहर किनारे स्थित होटलों, मांस, मछली व मुर्गा बेचने वाले दुकानदार, दुकान के जूठे समान, छाई व खस्सी, मछली के पेट से निकले कचरे को नहर में बहा देने से पानी अशुद्ध हो रहा है। कई दुकानदार तो खुलेआम पाइप लगाकर कचरा गिराते हैं। नहर में नहाने वाले अौर पानी पीने वाले लोगों का कहना है कि कई बार मना करने के बाद भी दुकानदार नहीं मानते। यहां के पंडित, मौलवी, समाजसेवी भी इसे पाप मानते हैं। उनका कहना है कि तेनुघाट से निकली नहर इलाके के लोगों के लिए गंगा है। विभिन्न तीज-त्योहारों में महिला-पुरूष इसी पानी में नहा कर पर्व की शुरूआत तथा श्राद्ध कर्म में शुद्ध होते हैं। 50 हजार की आबादी का यह स्रोत गंदा हो रहा है।
नहर में कचरा व गंदा पानी पाइप से गिराया जा रहा।