मामूली-सी बात को लेकर ग्रामीण युवक फूलचंद महतो की बेरहमी से पिटाई करने के आरोपी सहायक अवर पुलिस निरीक्षक मनोज झा को बोकारो के पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस ने निलंबित कर दिया है। शराब की बरामदगी के लिए छापेमारी के दौरान कसमार पुलिस और उत्पाद अधिकारी नाबालिग बच्चे को पकड़ कर ले जा रहे थे। इस पर फूलचंद महतो ने नाराजगी जाहिर की थी। इससे आक्रोशित पुलिस पदाधिकारी मनोज झा ने टांग टोना के तेलियाडीह निवासी फूलचंद महतो को उठाकर थाना ले गए थे। मनोज झा एवं तीन अन्य पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से उसकी पिटाई की थी। उसे बेहोश होने पर इंजेक्शन देकर होश में आने पर उसकी पुन: पिटाई की थी। जमकर पिटाई करने के बाद उसे छोड़ दिया गया था। इसकी शिकायत उसने बोकारो के पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस से की थी। पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस के निर्देश पर उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। पुलिस अधीक्षक ने एएसआई के ग्रामीण की पिटाई की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया।
जांघ और बांह में हैं चोट के गहरे निशान
घायल फूलचंद महतो की दोनों जांघ और बांह पर पिटाई के गहरे निशान हैं। उसकी जांघ पर करीब छह इंच तक पूरी तरह लाल होकर सूज गया है। उसे चलने और खड़े होने में भी तकलीफ हो रही है।
जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित
गुरुवार को 35 वर्षीय घायल फूलचंद महतो के मामले में सिविल सर्जन डॉ. सोवन मुर्मू ने मेडिकल बोर्ड गठित किया है। मेडिकल बोर्ड में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अर्जुन प्रसाद, डॉ. एचके मिश्रा, डॉ .एचडी सिंह तथा डॉ. अरूण प्रसाद को रखा गया है। यह बोर्ड घायल फूलचंद की जांच कर यह रिपोर्ट देगा कि वह डंडे की पिटाई से घायल हुआ है या फिर बिजली के करंट से घायल हुआ है। जांच टीम दो दिन में अपनी रिपोर्ट देगी।