बीएसएल में नौकरी की मांग को लेकर विस्थापितों ने शुक्रवार को अपना आंदोलन तेज कर दिया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में विस्थापित आत्मदाह करने के लिए सीईओ आवास की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन पुलिस ने हवाई अड्डा के पास उन्हें रोक दिया। विस्थापितों के हाथों में केरोसिन, माचिस व अन्य ज्वलनशील पदार्थ थे। चास अनुमंडल पदाधिकारी सतीश चंद्रा, सिटी डीएसपी अजय कुमार और आवासीय दंडाधिकारी विजय राजेश बारला ने बीच में ही उन्हें रोक दिया। एसडीओ ने उन्हें काफी समझाया। बाद में प्रशासन की ओर से स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत 150 विस्थापितों को ट्रेनिंग देकर नौकरी देने और एक सप्ताह के अंदर बीएसएल के ईडी पर्सनल और जीएम पर्सनल के साथ त्रिपक्षीय वार्ता कराने का आश्वासन दिया गया। इस मौके पर बीएसएल के आईआर के बीएम बख्शी, सिक्योरिटी डीजीएम सत्यनारायण सिंह, सिक्योरिटी एजीएम सहित अन्य अफसर मौजूद थे।
विस्थापितों के साथ वार्ता करते जिला प्रशासन और बीएसएल के अधिकारी।
विस्थापितों को रोकते पुलिस अधिकारी।
एक सप्ताह में मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
मोर्चा के अध्यक्ष अरुण कुमार महतो ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर अगर मांग पूरी करने के लिए प्रबंधन के साथ किसी तरह की वार्ता नहीं हुई तो मोर्चा उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। मौके पर अंबुज मिश्रा, आनंद महतो, खेलू महतो, मनोज महतो, धीरेन सोरेन, सिद्धेश्वर मिश्रा, विनोद मांझी, शिवम कुमार, उषा देवी, निशा कुमारी, प्यारी देवी, सानू देवी, पूजा कुमारी, अनुष्का कुमारी, शीला देवी, चांदनी देवी, मालती देवी, बिगनी देवी, राधा देवी, शकुंतला देवी, पलानी देवी, मोना देवी आदि थीं।