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नाली का निर्माण पूरा हुआ नहीं और कर दिया उद्घाटन

3 वर्ष पहले
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सुरेन्द्र सावंत बोकारो

चास नगर निगम के वार्ड नंबर 28 स्थित सरस्वती नगर में नाली का निर्माण शुरू होने के पहले ही उसका उद्घाटन का शिलापट्ट लगाकर उद्घाटन भी कर दिया गया। अधूरी नाली निर्माण से कॉलोनी के लोग परेशान हैं। मुहल्ले में रामनारायण गुप्ता के घर से अमूल्य दास के घर तक 1600 मीटर नाली का निर्माण का ठेका प्रमोद तापड़िया को मिला था। इसे 31 मार्च 2018 तक पूरा कर लेना था, लेकिन नाली निर्माण अधूरी रह गई।

मुहल्ले के लोगों का कहना है कि प्राक्कलन से अलग हटकर 10 एमएम की रॉड की जगह छह एमएम की रॉड लगाकर पांच इंच सीमेंट ढलाई की जगह दो से ढाई इंच ढलाई कर दी गई। अब पानी निकासी तो दूर जल जमाव के साथ सड़ांध तथा बीमारी को निमंत्रण देने वाली अधूरी नाली रह गई है। वार्ड पार्षद राजन सिंह भी निगम की कार्यपद्धति से क्षुब्ध हैं। उनका कहना है, लोगों को क्या जवाब देंगे।

चास के सरस्वती नगर में अधूरे निर्माण से लोग हो रहे हैं परेशान, मुहल्ले में पेयजल के लिए पाइपलाइन की भी व्यवस्था नहीं, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

इस तरह आधा-अधूरा निर्माण हुआ है।

मौके पर उद्घाटन की शिलापट।

नाली निर्माण पूरा होने के पूर्व ही लगा दिया गया उद्घाटन का शिलापट्ट

नाली निर्माण शुरू होने के पहले शिलान्यास की जगह उद्घाटन का शिलापट्ट लगा दिया गया है। इससे मुहल्ले के लोग यह सोच रहे हैं कि अब शायद नाली निर्माण नहीं होगा, इसलिए उद्घाटन का शिलापट्ट लग चुका है।

जहां मकान नहीं वहां तक नाली निर्माण

जहां किसी का मकान नहीं है, वहां तो नाली निर्माण कर दिया गया, पर जिधर मकान है, उधर नाली अधूरा छोड़ दिया। इससे मुहल्ले के लोग परेशान हैं। लोगों को पहले जिस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था, उससे राहत नहीं मिली है।

बनने के पहले हो गया उद्घाटन

स्थानीय निवासी पंकज कुमार व विजय सिंह ने कहा कि नाली निर्माण के पूर्व उद्घाटन का शिलापट्ट लगा दिया गया है। इससे यही उम्मीद लगाई जा रही है कि जिसे 23 जनवरी को ही उद्घाटन कर दिया गया। नाली निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। इससे निगम की कार्यपद्धति पर सवालिया निशान खड़ा हो जाता है।

जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे

इस मामले पर मेयर भोलू पासवान ने कहा कि इस मामले की जांच करवाकर नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी। वैसे किस वजह से काम बंद है, पहले इसकी जांच होगी। उन्होंने कहा कि जिस ठेकेदार को काम दिया गया था उसके द्वारा इस तरह की गलती हुई।

पानी खरीदकर पीना पड़ता है

स्थानीय निवासी सत्यनारायण गुप्ता व रोहित सिद्धार्थ ने कहा कि पिछले दो सालों से चास के विभिन्न मुहल्लों में पेयजल की आपूर्ति पाइपलाइन के माध्यम से की जा रही है। जबकि सरस्वती नगर के लोगों का दुर्भाग्य है कि यहां आज तक पेयजलापूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई ही नहीं गई। विवश होकर हमलोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। प्रशासन की तरफ से ध्यान नहीं दिया जा रहा।

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