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मध्याह्न भोजन बनता है आधा किमी दूर, धूप में बैठ कर खाते हैं बच्चे, हाथ धोने जाते हैं तालाब

3 वर्ष पहले
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रमेश चंचल कसमार

कसमार प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय रघुनाथपुर में 350 विद्यार्थी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि पानी के अभाव में विद्यालय से आधा किमी दूर मध्याह्न भोजन बनाया जाता है। आधा किमी दूर जहां 20 साल पहले रघुनाथपुर मध्य विद्यालय चलता था, उसी जर्जर भवन में मध्याह्न भोजन बनता है। वहां से भोजन बनाकर नए भवन में लाया जाता है। गर्मी से बेहाल बच्चे खाना खाने के बाद तपती धूप में हाथ धोने के लिए आधा किमी दूर तालाब में जाते हैं।

इधर 14वें वित्त आयोग की राशि से मुखिया द्वारा हैंड वाॅश की नींव की खुदाई एक माह पूर्व करके छोड़ दिया गया है। मेटेरियल तो उपलब्ध है पर निर्माण शुरू नहीं किया गया है। इस गड्ढे में छोटे-छोटे बच्चों के गिरने का डर बना रहता है। उत्क्रमित उच्च विद्यालय में बच्चों की संख्या 350 है। सरकारी शिक्षक दो व सात पारा शिक्षक सात हैं। विद्यालय परिसर में आज तक शिक्षा विभाग की ओर से पेयजल के लिए कोई चापानल नहीं लगाया गया है। विद्यालय परिसर मे एक कुआं है, जो पहले ही सूख चुका है। बच्चे बोतल में पानी भरकर घर से लाते हैं और अपनी प्यास बुझाते हैं।

रघुनाथपुर उत्क्रमित उच्च विद्यालय में एक भी चापानल नहीं है।

आधा किमी दूर से भोजन बनकर आने के बाद बच्चे इस तरह धूप में बैठकर खाना खाते हैं।

क्या कहते हैं अभिभावक

रघुनाथपुर के दिलीप महतो, श्यामलाल करमाली, सुरेन्द्र महतो, गोपाल महतो ने कहा कि विद्यालय में प्रखंड के सभी विद्यालयों में सबसे अच्छी पढ़ाई होती है। परिसर में एक भी चापानल नहीं लगा है। यहां न तो विधायक और न ही सांसद मद से पेयजल की व्यवस्था की गई। वहीं विद्यालय में बच्चों के आनेजाने के लिए सड़क भी नहीं है। गर्मी आते ही बच्चों को काफी परेशानियों की सामना करना पड़ता है।

मध्याह्न भोजन के बाद बच्चे इस तरह तालाब में हाथ धोते हैं।

पेयजल की समस्या जल्द दूर होगी

बगदा मुखिया विष्णु चरण महतो ने कहा कि विद्यालय परिसर में दलदल जमीन होने के कारण डीप बोरिंग सक्सेस नहीं हो पा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि दलदल के कारण यहां चापानल व बोरिंग करना संभव नहीं है। इसलिए विद्यालय परिसर में एक रिंग कुआं की खुदाई बहुत जल्द करेंगे, जिससे हैंड वाश रूम और दीवार में 10 नल लगाए जाएंगे। तभी पेयजल की समस्या दूर हो पाएगी। हालांकि समस्या कब तक दूर होगी, यह अभी तय नहीं है।

24 विद्यालयों में होगी पेयजल की व्यवस्था

जिले के 24 विद्यालयों में पेयजल की समस्या है। इसकी सूची बनाकर डीएससी को भेजा गया है। जिस विद्यालय में पेयजल की समस्या है। वहां पेयजल विभाग द्वारा शीघ्र पेयजल व्यवस्था की जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 

महीप कुमार सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी, बोकारो

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