समस्या सामने आते ही टैंकरों से पहुंचाओ पानी, लापरवाही दिखने पर खैर नहीं
पानी, बिजली, चिकित्सा व स्वास्थ्य संबंधी साप्ताहिक समीक्षा बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर शिवांगी स्वर्णकार की अध्यक्षता में हुई।
पानी की समस्या को लेकर कलेक्टर ने कहा समस्या सामने आते ही तुरंत समाधान किया जाएं, जरूरत पड़े तो टैंकरों से जलापूर्ति की व्यवस्था की जाए। इसमें लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने कहा कि पानी की समस्या को लेकर आए दिन लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारियों को लिखित में ज्ञापन दिए जा रहे हैं। इसका अर्थ यह है कि पानी की समस्या गंभीर है, इसके समाधान के ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का संबंधित अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार होगा। समस्या का समाधान करवाने की जिम्मेदारी भी उसकी ही होगी।
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि छीजत कम करने के लिए विशेष प्रयास करने वाले कार्मिकों का विभाग स्तर पर सम्मानित किया जाए। साथ ही जिन फीडरों पर छीजत बढ़ी है, ऐसे लापरवाह कार्मिकों को नोटिस जारी किए जाएं। सीएमएचओ को निर्देश दिए कि स्वाइन फ्लू और डेंगू रोकथाम के लिए उपाय करें।
देवपुरा-गुदली-नयागांव-फूलेता-भंवरखोल और नीमखेड़ा में परेशानी, जलस्तर गिरने से पेयजल संकट
देवपुरा-गुदली-नयागांव-फूलेता-भंवरखोल और नीमखेड़ा में परेशानी, जलस्तर गिरने से पेयजल संकट
तलवास| पंचायत के देवपुरा, गुदली, नयागांव, फूलेता, भंवरखोल, नीमखेड़ा में अप्रैल माह से ही सभी सरकारी हैंडपंपों में पानी रीत चुका है। इसके चलते ग्रामीणों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में लगे निजी ट्यूबवैलों से दो-तीन किमी जाकर अपने लिए व मवेशियों के लिए पानी जुटाना पड़ रहा है।
सरकारी स्कूलों में पोषाहार के बाद बच्चे पानी पीने के लिए घरों पर पहुंच रहे है। समस्या से सरपंच व प्रधान सहित संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र टैंकरों से जलापूर्ति कराने की मांग की है। उधर, पंसस यशवंत गोस्वामी ने बताया कि पेयजल की समस्या के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। तलवास सरपंच गणेश साहू ने बताया कि पंचायत के गांवों में अप्रैल से ही समस्या बनी हुई है। समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक टैंकर सुचारू नहीं हो रहे हैं।
तलवास| पंचायत के देवपुरा, गुदली, नयागांव, फूलेता, भंवरखोल, नीमखेड़ा में अप्रैल माह से ही सभी सरकारी हैंडपंपों में पानी रीत चुका है। इसके चलते ग्रामीणों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में लगे निजी ट्यूबवैलों से दो-तीन किमी जाकर अपने लिए व मवेशियों के लिए पानी जुटाना पड़ रहा है।
सरकारी स्कूलों में पोषाहार के बाद बच्चे पानी पीने के लिए घरों पर पहुंच रहे है। समस्या से सरपंच व प्रधान सहित संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र टैंकरों से जलापूर्ति कराने की मांग की है। उधर, पंसस यशवंत गोस्वामी ने बताया कि पेयजल की समस्या के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। तलवास सरपंच गणेश साहू ने बताया कि पंचायत के गांवों में अप्रैल से ही समस्या बनी हुई है। समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक टैंकर सुचारू नहीं हो रहे हैं।
कहीं भी पेयजल की दिक्कत हुई तो क्षेत्रीय अिधकारी होगा जिम्मेदार
सार्वजनिक निर्माण विभाग इसी माह पूरा कराए गौरव पथों का काम
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता को निर्देश दिए कि शेष रहे ग्रामीण गौरव पथों के निर्माण का कार्य इसी माह पूरा करवाया जाए। बूंदी-बिजौलिया मार्ग तथा एनएच148 डी में गुणवत्ता की जांच कराने के लिए जांच कमेटी गठित कर शीघ्र जांच कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिले में शेष रहे अन्नपूर्णा भंडारों को शीघ्र शुरू करवाने, टॉय बैंक के खिलौनों में गुणवत्ता विशेष का ध्यान रखने, स्कूलों का विजिट कर कमियां हो उनको पूरा करें और दस दिन में इसकी रिपोर्ट देने के लिए कहा। बैठक में एडीएम (सीलिंग) ममता तिवाड़ी, सीएमएचओ डॉ. सुरेश जैन, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सुरेश बैरवा, डीएसओ संदीप माथुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
खेड़लीबंधा गांव में तीन दिन बाद पहुंचा पानी
देईखेड़ा| खेड़लीबंधा गांव में आए दिन पेयजल संकट की समस्या से जूझ रहे लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए जलापूर्ति सुधारने की मांग की थी। जिसको भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
सोमवार को जलदाय विभाग व प्रशासन हरकत में आया तथा मामले को गंभीरता से लेकर सोमवार को ही जलापूर्ति शुरू की गई। जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिल गई।
गौरतलब है कि यहां आए दिन ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। जनता जल योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत प्रशासन की ओर से कार्यरत कर्मचारी द्वारा भी सप्लाई करने में अनियमितता बरती जाती है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अब 2-4 दिन तक जलापूर्ति सुचारू चलेगी, लेकिन फिर वहीं स्थिति हो जाती है। अबकी बार ऐसा हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से जर्जर हालत में पड़ी टंकी की मरम्मत करने अथवा दूसरी टंकी बनाने की आवश्यकता बताई है। वार्डपंच बाबूलाल मेघवाल, पूर्व वार्डपंच गंगाराम केवट, भैरूलाल केवट, गिरिराज केवट, जोधराज सिंह, जितेंद्र केवट आदि ने बताया कि टंकी से पानी लीकेज होने से भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में शीघ्र टंकी की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
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