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दलितों का गौरवशाली इतिहास भी कोर्स में शामिल अगले सत्र से बच्चों को पढ़ाया जाएगा: गुंजल

3 वर्ष पहले
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कोटा उत्तर के विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि दलितों का अाजादी आंदोलन में अविस्मरणीय योगदान है। इस गौरवशाली इतिहास को भी कोर्स में शामिल किया जा रहा है। मैंने राज्य विधानसभा में इसकी प्रभावी तौर पर मांग रखी। मेरी मांग को स्वीकार किया गया और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में अगले सत्र से वाल्मीकि समाज के महर्षि नवल एवं बैरवा समाज के महर्षि बालीनाथ को पढ़ाने का निर्णय लिया है। इसे काेर्स में शामिल कर लिया गया है।

बाहरली बूंदी में जय माता दी नवयुवक मंडल की ओर से दलित समाज के कार्यक्रम में विधायक गुंजल संबोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि दलित नाम जन्म से नहीं, अपितु अंग्रेजों ने धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य करने के लिए रखा। इसके बावजूद इन खुद्दार लोगों ने धर्म परिवर्तन नहीं किया। लोगों को साफ-सफाई एवं अन्य कार्य करवाकर दलित नाम दे दिया गया। हम सदा इनके ऋणी हैं, जिन्होंने यातना, अत्याचार सहे, मगर अंग्रेजों-मुगलों के आगे घुटने नहीं टेके और धर्म परिवर्तन नहीं किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश प्रतिनिधि रूपेश शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि आज़ादी के गौरवशाली इतिहास में हर वर्ग का अपना महत्व है और दलित समाज का इसमें अविस्मरणीय योगदान भुलाया नहीं जा सकता। बाबा रामदेव का जीवन संस्मरण हमें इसकी प्रेरणा देता है। प्रगतिशील समाज को विस्तृत सोच बनाकर आगे आना होगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अभा बैरवा महासभा के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश फौजी, राजेंद्रसिंह दुगारी थे। जय माता दी रैगर नवयुवक मंडल के अध्यक्ष भगवान चंदोलिया, सचिव मनीष खटीक, मेघवाल समाज के लोगों ने गुंजल व शर्मा का स्वागत किया। इससे पहले गुंजल को बाबा रामदेव मंदिर स्थल तक जुलूस के रूप में ले जाया गया। गुंजल ने भाजपा जिलाध्यक्ष महिपतसिंह हाड़ा की माताजी के निधन पर उनके घर जाकर संवेदना व्यक्त की। सर्किट हाउस में विधायक गुंजल को विभिन्न संगठनों की ओर से ज्ञापन साैंपे गए। गोभक्तों द्वारा भी गुंजल को पुलिस अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में गायों की जांच का मामला दबाने की शिकायत की। यहां गुंजल ने रोज़ा रखने वाली बालिका आयाशा राजी, मोहम्मद अनस को माला पहनाकर मुबारकबाद दी।

बूंदी. कार्यक्रम में शामिल विधायक प्रहलाद गुंजल।

भास्कर न्यूज | बूंदी

कोटा उत्तर के विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि दलितों का अाजादी आंदोलन में अविस्मरणीय योगदान है। इस गौरवशाली इतिहास को भी कोर्स में शामिल किया जा रहा है। मैंने राज्य विधानसभा में इसकी प्रभावी तौर पर मांग रखी। मेरी मांग को स्वीकार किया गया और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में अगले सत्र से वाल्मीकि समाज के महर्षि नवल एवं बैरवा समाज के महर्षि बालीनाथ को पढ़ाने का निर्णय लिया है। इसे काेर्स में शामिल कर लिया गया है।

बाहरली बूंदी में जय माता दी नवयुवक मंडल की ओर से दलित समाज के कार्यक्रम में विधायक गुंजल संबोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि दलित नाम जन्म से नहीं, अपितु अंग्रेजों ने धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य करने के लिए रखा। इसके बावजूद इन खुद्दार लोगों ने धर्म परिवर्तन नहीं किया। लोगों को साफ-सफाई एवं अन्य कार्य करवाकर दलित नाम दे दिया गया। हम सदा इनके ऋणी हैं, जिन्होंने यातना, अत्याचार सहे, मगर अंग्रेजों-मुगलों के आगे घुटने नहीं टेके और धर्म परिवर्तन नहीं किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश प्रतिनिधि रूपेश शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि आज़ादी के गौरवशाली इतिहास में हर वर्ग का अपना महत्व है और दलित समाज का इसमें अविस्मरणीय योगदान भुलाया नहीं जा सकता। बाबा रामदेव का जीवन संस्मरण हमें इसकी प्रेरणा देता है। प्रगतिशील समाज को विस्तृत सोच बनाकर आगे आना होगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अभा बैरवा महासभा के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश फौजी, राजेंद्रसिंह दुगारी थे। जय माता दी रैगर नवयुवक मंडल के अध्यक्ष भगवान चंदोलिया, सचिव मनीष खटीक, मेघवाल समाज के लोगों ने गुंजल व शर्मा का स्वागत किया। इससे पहले गुंजल को बाबा रामदेव मंदिर स्थल तक जुलूस के रूप में ले जाया गया। गुंजल ने भाजपा जिलाध्यक्ष महिपतसिंह हाड़ा की माताजी के निधन पर उनके घर जाकर संवेदना व्यक्त की। सर्किट हाउस में विधायक गुंजल को विभिन्न संगठनों की ओर से ज्ञापन साैंपे गए। गोभक्तों द्वारा भी गुंजल को पुलिस अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में गायों की जांच का मामला दबाने की शिकायत की। यहां गुंजल ने रोज़ा रखने वाली बालिका आयाशा राजी, मोहम्मद अनस को माला पहनाकर मुबारकबाद दी।

भास्कर न्यूज | बूंदी

कोटा उत्तर के विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि दलितों का अाजादी आंदोलन में अविस्मरणीय योगदान है। इस गौरवशाली इतिहास को भी कोर्स में शामिल किया जा रहा है। मैंने राज्य विधानसभा में इसकी प्रभावी तौर पर मांग रखी। मेरी मांग को स्वीकार किया गया और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में अगले सत्र से वाल्मीकि समाज के महर्षि नवल एवं बैरवा समाज के महर्षि बालीनाथ को पढ़ाने का निर्णय लिया है। इसे काेर्स में शामिल कर लिया गया है।

बाहरली बूंदी में जय माता दी नवयुवक मंडल की ओर से दलित समाज के कार्यक्रम में विधायक गुंजल संबोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि दलित नाम जन्म से नहीं, अपितु अंग्रेजों ने धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य करने के लिए रखा। इसके बावजूद इन खुद्दार लोगों ने धर्म परिवर्तन नहीं किया। लोगों को साफ-सफाई एवं अन्य कार्य करवाकर दलित नाम दे दिया गया। हम सदा इनके ऋणी हैं, जिन्होंने यातना, अत्याचार सहे, मगर अंग्रेजों-मुगलों के आगे घुटने नहीं टेके और धर्म परिवर्तन नहीं किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश प्रतिनिधि रूपेश शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि आज़ादी के गौरवशाली इतिहास में हर वर्ग का अपना महत्व है और दलित समाज का इसमें अविस्मरणीय योगदान भुलाया नहीं जा सकता। बाबा रामदेव का जीवन संस्मरण हमें इसकी प्रेरणा देता है। प्रगतिशील समाज को विस्तृत सोच बनाकर आगे आना होगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अभा बैरवा महासभा के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश फौजी, राजेंद्रसिंह दुगारी थे। जय माता दी रैगर नवयुवक मंडल के अध्यक्ष भगवान चंदोलिया, सचिव मनीष खटीक, मेघवाल समाज के लोगों ने गुंजल व शर्मा का स्वागत किया। इससे पहले गुंजल को बाबा रामदेव मंदिर स्थल तक जुलूस के रूप में ले जाया गया। गुंजल ने भाजपा जिलाध्यक्ष महिपतसिंह हाड़ा की माताजी के निधन पर उनके घर जाकर संवेदना व्यक्त की। सर्किट हाउस में विधायक गुंजल को विभिन्न संगठनों की ओर से ज्ञापन साैंपे गए। गोभक्तों द्वारा भी गुंजल को पुलिस अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में गायों की जांच का मामला दबाने की शिकायत की। यहां गुंजल ने रोज़ा रखने वाली बालिका आयाशा राजी, मोहम्मद अनस को माला पहनाकर मुबारकबाद दी।

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