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‘गंदगी के साम्राज्य का अंत’ नाटक से सफाई का संदेश

3 वर्ष पहले
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बूंदी| युवा पीढ़ी स्वच्छता के महत्व को समझें, इसके प्रति संकल्पित हो और इसकी जनचेतना जागृत करें। स्वच्छता आज की महती आवश्यकता बन चुकी है। यह बात सभापति महावीर मोदी ने कही। वे सोमवार को स्काउट गाइड कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधन दे रहे थे।

कार्यशाला में पार्षद सीमा राठौर, स्काउट मंडल प्रधान चतुर्भुज महावर व पूजा प्रजापत ने स्वच्छता अभियान में युवाओं की भूमिका की जानकारी दी। कब मास्टर हेमराज ओड़ ने राष्ट्र विकास में स्वच्छता महाभियान की उपादेयता विषय पर प्रकाश डाला। स्काउट मास्टर विश्वजीत जोशी ने घर-घर अलख जगाना है.. समूह गीत द्वारा स्वच्छ भारत-सुंदर भारत का संदेश दिया। कार्यशाला का निर्देशन-संचालन समन्वयक सर्वेश तिवारी ने किया। समन्वयक सर्वेश तिवारी द्वारा रचित व निर्देशित स्वच्छता जन चेतनाकारी नाटक गंदगी साम्राज्य का विध्वंस का जीवंत मंचन किया गया। नाटक में गंदगी देवी बनी राजमाता वैष्णवी चित्तौड़ा व प्रदूषण महाराज बनी साक्षी में रूठा द्वारा आलोचनात्मक व्यंग्य प्रस्तुत किया गया। नाटक में धुआं बनकर कलाकार कुसुम सैनी ने, सामाजिक बुराई बनी चंचल ने, बीमारी बनी रक्षिता जैन व पॉलिथीन के भयानक रूप को धारण कर दीपिका अग्रवाल ने कटाक्ष किए। वहीं मनस्वी चतुर्वेदी, योगिता सैनी, निहारिका गुप्ता ने कानून, प्रशासन, राजनेता व आमजन बनकर की साझी भूमिका द्वारा जनचेतना अभियान चलाया व गंदगी साम्राज्य का विध्वंस करते हुए सामूहिक दायित्व का पाठ पढ़ाया।

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