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गुस्से में किसान बोले-जब तक हमारा नंबर आएगा तब तक तो खरीद केंद्र बंद हो जाएंगे
देई के समर्थन मूल्य चना खरीद केंद्र के टोकन वाले करीब डेढ़ हजार किसानों काे अब बूंदी खरीद केंद्र पर माल बेचना होगा। देई के किसानों को बूंदी खरीद केंद्र से जोड़ने पर बूंदी के किसानों की परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि पहले देई के किसानों का चना तुलेगा। इससे नाराज किसानों ने मंगलवार एडीएम को ज्ञापन सौंपा। इन किसानों का कहना था कि जब तक उनका नंबर आएगा तब तक खरीद बंद हो सकती है।
बंबोरी के पूर्व सरपंच कुलदीपसिंह के नेतृत्व में इन किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान बताया कि उनके टोकन मार्च में कट चुके हैं, अब तक उनका नंबर नहीं आया, अब देई के डेढ़ हजार किसानों का माल भी बूंदी के चना खरीद केंद्र पर तुलेगा, ऐसे में उनकी बारी नहीं आ पाएगी। बूंदी खरीद केंद्र पर अब तक टोकन नंबर 32,970 तक के किसानों का ही नंबर आया है। इससे आगे की सीरीज वाले किसानों का नंबर नहीं आया है क्योंकि देई खरीद केंद्र से जुड़े किसानों के टोकन नंबर हमारी सीरीज से पहले है, इसलिए पहले उनकी बारी आएगी। किसान राजेंद्र जोशी, कंवर लाल, जितेंद्रसिंह, किशनलाल, नंदकिशोर सहित अन्य किसानों ने एडीएम को अपनी पीड़ा बताई। जानकारी के मुताबिक देई खरीद केंद्र पर किसानों की संख्या काफी ज्यादा होने के कारण करीब डेढ़ हजार किसानों को बूंदी खरीद केंद्र से जोड़ दिया गया है।
बूंदी. समर्थन मूल्य पर चना खरीद नहीं होने पर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने आए किसान।
लहसुन खरीद की तारीख 30 जून तक बढ़ाओ
भारतीय किसान संघ ने लहसुन की सरकारी खरीद की तारीख 18 मई से बढ़ाकर 30 जून करने की मांग की है। इस संबंध में संघ के संरक्षक श्रीपाल गोयल, जिलाध्यक्ष मोहनलाल नागर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में किसान नेताओं ने कहा कि खरीद तारीख बढ़ाई जाए, साथ ही जुवारा काश्त के किसानों का लहसुन भी सरकारी कांटे पर खरीदा जाए। बूंदी जिले के किसानाें का लहसुन ना तो कोटा मंडी में तोला गया और ना ही बूंदी जिले में खरीद कांटे चालू किए गए। एकमात्र खरीद कांटे पर महज पांच दिन ही तुलाई होनी है। अब तीन दिन शेष बचे हैं। इतने कम समय में पांच हजार से ज्यादा किसान लहसुन बेच ही नहीं पाएंगे। साथ ही जुवारा काश्त करनेवाले किसानों का लहसुन भी अन्य जिंसों की तरह शपथपत्र लेकर खरीदा जाए। लहसुन खरीद के मापदंडों में भी ढील दी जाए।
100 किमी दूर जा रहे हैं किसान इसलिए खरीद केंद्र बदलो
नैनवां। एसडीएम कार्यालय पर ज्ञापन देते किसान।
नैनवां| क्षेत्र के किसानों के सुमेरगंजमंडी के जारी टोकन को विभाग द्वारा कापरेन ट्रांसफर करने से पीड़ित किसानों ने मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया। साथ ही किसानों ने मांग की कि उन्हें नैनवां व देई खरीदे केंद्र पर जारी किया जाए। ज्ञापन देने आए क्षेत्र के हीरापुर, मानपुरा, रापुरिया, भावपुरा, खेड़ामानपुरा गांव के करीब 40 किसानों ने बताया कि समर्थन मूल्य पर चने की तुलवाई के लिए आवेदन किया था। इस पर उनके सुमेरगंजमंडी के टोकन जारी किए गए थे, लेकिन बाद में उनके टोकन ट्रांसफर कर 100 किमी दूर कापरेन कर दिए। जबकि किसी किसान के पास 5 बीघा तो किसी के पास 7 बीघा भूमि है। किसानों के सुमेरगंजमंडी के टोकन जारी हुए दो माह हो गए। किसान सुमेरगंजमंडी तो आससानी से अपना माल ले जा सकते थे, लेकिन कापरेन की दूरी अधिक होने से 10-12 क्विंटल का किराया महंगा पड़ेगा। इस स्थिति को देखते हुए किसानों के चने की तुलाई नैनवां या देई केंद्र पर करवाई जाए।