छोटी सोच और पैर की मोच कभी आगे बढ़ने नहीं देती: जैनाचार्य
भास्कर न्यूज | बूंदी का गोठड़ा
चेंता गांव के जैन मंदिर परिसर में रविवार को प्रवचन देते हुए जैनाचार्य सुकुमालनंदी महाराज ने कहा की छोटी सोच एवं पैर की मोच हमें जिंदगी में कभी आगे बढ़ने नहीं देती है।
संकीर्ण विचारों को छोड़कर उदार विचारों को अंगीकार करना चाहिए। भगवान बनने आए थे, लेकिन संसारी बन गए। पापों को खोने आए थे, पापी बन गए। दुनिया के रहस्य को हम समझ नहीं पाए तो दूसरे का खेल देखकर खिलाड़ी बन गए। गांव की प्रतिभाओं को तराशना चाहिए। जैनाचार्य ने कहा कि आजकल युवा ज्यादातर मौज मस्ती में डूबा हुआ है, गलत संगत में पड़ गया है। उन्हें गांव के सीधे सच्चे लोगों से प्रेरणा लेनी चाहिए। जैन समाज प्रवक्ता प्रमोद सावला ने बताया कि धर्म सभा से पूर्व मंगलाचरण पाठ आस्था जैन ने, शांतिधारा नंदलाल, राजकुमार, हिमांशु धनोतिया ने किया। उधर, बड़ानया गांव से आए समाज के लोगों ने आचार्यश्री को श्रीफल भेंट कर बड़ानया गांव आने का निवेदन किया। जिसे आचार्यश्री ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह आचार्यश्री ससंघ बड़ानया गांव के लिए मंगल विहार करेंगे।
बूंदी का गोठड़ा। चेता गांव में प्रवचन देते जैनाचार्य सुकुमालनंदी महाराज।