इस बार नौतपा 25 मई से शुरू होकर 4 जून तक रहेगा। इन 9 दिनों में सीजन की सबसे तेज गर्मी पड़ती है। इससे पहले ही पारा फिर 47 डिग्री के पार जा चुका है। जिले में इस सीजन में पारा दूसरी बार 47 डिग्री सेल्सियस पार पहुंचा है। इससे पहले एक मई पारा 47.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। लू के थपेड़ों और आसमान से बरसती आग से शहर की सड़कें दोपहर से पहले ही सूनी हो गई। आलम यह था कि रात को भी राहत नहीं मिल रही थी।
शहर की सड़कें सुबह 11 बजे से ही सूनी हो गईं। भारी यातायात वाली सड़कें भी सूनसान नजर आई। ऐसी गर्मी में जहां पानी की जरूरत पड़ रही थी, जबकि रोजेदारों ने दिनभर एक घूंट पानी भी हलक नहीं उतारा।
जान लेने लगी लू-तापघात
इधर प्रचंड गर्मी में जिला अस्पताल सहित जिले के अन्य अस्पतालों में लू-तापघात के मरीज काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। भीषण गर्मी में पानी की कमी और लू-तापघात में दो दिनों में दो मौत हो चुकी है। बीते रोज इंद्रगढ़ में एक भिखारी की इसी वजह से मौत हो चुकी है, वहीं सोमवार को केशोरुपरा गांव में भीषण गर्मी की वजह से एक किसान की मौत हुई है। गर्मी के सीजन में अब तक चार मौत हो चुकी है।
मई के ये दिन रहे सबसे गर्म
एक मई को 47.4 डिग्री सेल्सियस, 2 मई को 46.6 डिग्री रहा। इसके बाद मौसम ने करवट ली। अंधड़ बरसात की वजह से पारा गिरने लगा। मौसम साफ होते ही पारा फिर आसमान छूने लगा और 12 मई को फिर 46.6 डिग्री, 17 और 19 मई को 46.5 डिग्री सेल्सियस, 20 मई को 46 डिग्री सेल्सियस और 21 मई को यह बढ़कर 47.2 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। अभी पारा और चढ़ने की आशंका है।
सूरज ढलने के बाद शाम को पार्क में नजर आई बच्चों की हलचल।