कोटा। ढाई लाख की रिश्वत के मामले में कोर्ट ने आरोपी जिला आबकारी अधिकारी कमलेश परमार और ड्राइवर रूपलाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी। बूंदी जिले के लांबाखोह गांव के भगवत सिंह और हिम्मत सिंह ने 11 मई को चित्तौड़गढ़ चौकी पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसीबी की एक टीम ने फरियादी से शराब की दुकान की लोकेशन बदलने की एवज में परमार को उनके देवपुरा के शीतला नगर स्थित किराए के मकान से डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते और दूसरी टीम ने आबकारी निरीक्षक मनीषा राजपुरोहित और उनके ड्राइवर रूपलाल को एक लाख रुपए की रिश्वत के साथ जिला आबकारी कार्यालय से गिरफ्तार किया था। आबकारी निरीक्षक के लिए ड्राइवर ने रिश्वत के रुपए लिए थे। टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में आरोपी जिला आबकारी अधिकारी कमलेश परमार और ड्राइवर रूपलाल ने कोर्ट में अर्जी पेश कर जमानत पर रिहा करने का अनुरोध किया। इधर, सरकारी वकील ने उनकी जमानत पर विरोध किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।