पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • मेरे आका के मुझ पर इतने करम... उर्स पर कव्वाली का प्रोग्राम हुआ

मेरे आका के मुझ पर इतने करम... उर्स पर कव्वाली का प्रोग्राम हुआ

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बूंदी| मोरड़ीपाड़ा स्थित मदरसा दरसुल इस्लाम में मौलाना अब्दुल हक शाह का उर्स मनाया गया। इस मौके पर कव्वाली का प्रोग्राम हुआ। शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई। इसके बाद कव्वालोंं ने नातिया कलाम पेश किए।

कोटा से आए हिफजुर्रहमान हकीमी ने-मेरे आका के मुझ पर इतने करम, अब किसी करम की जरूरत नहीं... कव्वाली पेश की। टोंक से आए जाफर अनवर चिश्ती ने-मेरा ख्वाजा बादशाह है, मेरा ख्वाजा शहंशाह है...कव्वाली पेश की। इसके बाद कैथून से आए गुलाम चिराग ने-मैं क्या बताऊं तमन्नाएं जिंदगी क्या है, हुजूर आप सलामत रहे, कमी क्या है... कव्वाली पेश की। सदारत राजस्थान काजी कौंसिल के संरक्षक पीरजादा अब्दुल शकूर कादरी ने की। अतिथि गद्दीनशीन मोहम्मद अहमद रजा थे। इस अवसर पर अब्दुल रऊफ बाबा, वक्फ कमेटी के पूर्व शहर सदर मौलाना असलम, हाजी सत्तार, अमीर मोहम्मद, हाजी कमरुद्दीन, राशिद खान, अरशद, यूसुफ, छुट्‌टन, शिफाउल हक, शाकिर, उस्मान, अहमद सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद थे। अंत में सलाम पढ़ा गया। इसके बाद तबर्रुक तकसीम किया गया और मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी गई।

बूंदी मोरड़ीपाड़ा मदरसे में आयोजन

बूंदी. उर्स के मौके पर आयोजित हुए कार्यक्रम में मौजूद अतिथि।

बूंदी| मोरड़ीपाड़ा स्थित मदरसा दरसुल इस्लाम में मौलाना अब्दुल हक शाह का उर्स मनाया गया। इस मौके पर कव्वाली का प्रोग्राम हुआ। शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई। इसके बाद कव्वालोंं ने नातिया कलाम पेश किए।

कोटा से आए हिफजुर्रहमान हकीमी ने-मेरे आका के मुझ पर इतने करम, अब किसी करम की जरूरत नहीं... कव्वाली पेश की। टोंक से आए जाफर अनवर चिश्ती ने-मेरा ख्वाजा बादशाह है, मेरा ख्वाजा शहंशाह है...कव्वाली पेश की। इसके बाद कैथून से आए गुलाम चिराग ने-मैं क्या बताऊं तमन्नाएं जिंदगी क्या है, हुजूर आप सलामत रहे, कमी क्या है... कव्वाली पेश की। सदारत राजस्थान काजी कौंसिल के संरक्षक पीरजादा अब्दुल शकूर कादरी ने की। अतिथि गद्दीनशीन मोहम्मद अहमद रजा थे। इस अवसर पर अब्दुल रऊफ बाबा, वक्फ कमेटी के पूर्व शहर सदर मौलाना असलम, हाजी सत्तार, अमीर मोहम्मद, हाजी कमरुद्दीन, राशिद खान, अरशद, यूसुफ, छुट्‌टन, शिफाउल हक, शाकिर, उस्मान, अहमद सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद थे। अंत में सलाम पढ़ा गया। इसके बाद तबर्रुक तकसीम किया गया और मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी गई।

खबरें और भी हैं...