एनडीआरएफ का जैतसागर में मॉकड्रिल
बूंदी| एनडीआरएफ अजमेर (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल), एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल), डिफेंस, पुलिस, होमगार्ड, जिला प्रशासन, मेडिकल सहित अन्य विभागों की टीम ने जैत सागर झील बाढ़, भूकंप सहित अन्य आपदा के हालात से निबटने के लिए बुधवार को मॉक ड्रिल किया।
06 बटालियन एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अमरसिंह चौहान के नेतृत्व में 47 सदस्यीय टीम ने मौके ड्रिल में हिस्सा लिया। कलेक्टर और अन्य प्रशासन-पुलिस अधिकारियों ने मौके ड्रिल देखा और बचाव के तरीके समझे।
साथ ही झील किनारे सुखमहल में टीम के बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई, हर उपकरण के बारे में अधिकारियों ने जानकारी ली। मॉक ड्रिल सुबह पांच से करीब नौ बजे तक चली। जिला कार्यालय से सुबह पुलिस कंट्रोल रूम और जिला अधिकारियों को जैतसागर झील में तीन पर्यटकों के डूबने की सूचना दी गई। जिसके बाद एडीएम नरेशकुमार मालव, एडीएम सीलिंग ममता तिवारी, एएसपी दशरथसिंह, डीएसपी समंदरसिंह, 108 मोबाइल एबुलेंस, फायर ब्रिगेड, मेडी कल टीम पहुंची। 47 सदस्यों की टीम ने पानी में फंसे लोगों को बचाने तथा डूबे लोगों को निकालने, उनके प्राथमिक उपचार का मॉक ड्रिल किया। कलेक्टर महेशचंद्र शर्मा ने आपदा की स्थिति में लोगों के बचाव के लिए किए जा रहे ड्रिल का अवलोकन किया।
एनडीआरएफ के साथ दूसरी रेस्क्यू एजेंसियों के साथ मॉक ड्रिल किया गया। बाढ़, भूकंप, न्यूक्लियर, रेडियोलॉजिकल, बायोलॉजिकल, केमिकल अटैक सहित प्राकृतिक आपदा में कैसे लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है, इस बारे में एनडीआरएफ मॉक ड्रिल करती रहती है। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट अमरसिंह ने बताया कि आज का मॉक ड्रिल सफल रहा।
बूंदी. एनडीआरएफ अजमेर की जैतसागर झील में मॉक ड्रिल।