ढाई लाख रुपए की रिश्वत लेते बुधवार शाम पकड़े गए जिला आबकारी अधिकारी कमलेश परमार और अाबकारी निरीक्षक मनीषा राजपुरोहित के निजी आवासों पर भी एसीबी की टीम ने तलाशी ली। कार्रवाई करने वाली टीम के लीडर एसीबी चित्तौड़गढ़ के एडिशनल एसपी चिरंजीलाल मीणा ने बताया कि जिला आबकारी अधिकारी के हनुमानगढ़ स्थित आवास और आबकारी निरीक्षक के केशवरायपाटन स्थित आवास की तलाशी ली गई। तलाशी में कोई खास नहीं मिला।
एएसपी मीणा ने बताया कि बुधवार देरशाम को जिला आबकारी अधिकारी परमार के बूंदी में किराए के घर ट्रेप कार्रवाई के दौरान डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत की रकम के अलावा कमरे में सूटकेस में भी 1.36 लाख 800 रुपए बरामद मिले थे। ये रुपए कहां से आए, इस बारे में परमार कुछ बता नहीं पाए। पता लगाया जा रहा है कि यह रकम रिश्वत की थी या नहीं। जिला आबकारी अधिकारी ने बुधवार को देशी शराब ठेके के संचालक से लोकेशन बदलने के लिए रिश्वत ली थी। इस रिश्वत के लिए उसे चक्कर लगवाए जा रहे थे। उन्होंने अपने किराए के मकान पर रिश्वत के रूप में डेढ़ लाख रुपए लेकर कमरे में ही बैड पर तकिए के पीछे रख लिए थे, उस वक्त वे खाना खा रहे थे। उन्होंने बताया कि जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और ड्राइवर को गुरुवार को कोटा एसीबी कोर्ट से 15 दिन के लिए जेल भेजने के आदेश दिए गए।
मैडम के फेर में फंसा...बुधवार को कार्रवाई में ड्राइवर से घूस बरामद की। इस पर विवाद भी हुआ।
3 पासबुकें-जमीन के दस्तावेज मिले
डूंगरपुर शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आबकारी अधिकारी परमार का अपना मकान है। स्थानीय एसीबी टीम ने उनके मकान की तलाशी ली, जहां से अलग-अलग बैंकों की 3 पासबुकें और जमीनों के दस्तावेज मिले हैं। जेवरात मिलने की भी सूचना है, लेकिन इसका खुलासा नहीं हुआ है। डूंगरपुर की जांच टीम ने ये सभी दस्तावेज सीलबंद करके एसीबी की चित्तौड़गढ़ टीम को भेज दी है, जो इनके बारे में अधिकृत जानकारी जुटाएगी।
सहायक आबकारी अधिकारी मनोज बिस्सा को बूंदी लगाया
डेढ़ लाख की रिश्वत लेते बुधवार को एसीबी द्वारा रंगेहाथ गिरफ्तार जिला आबकारी अधिकारी कमलेश परमार की जगह मनोज बिस्सा कार्यभार संभालेंगे। गुरुवार को आबकारी आयुक्त प्रवीण गुप्ता ने भीलवाड़ा के सहायक आबकारी अधिकारी को अग्रिम आदेश तक तत्काल प्रभाव से बूंदी प्रभार ग्रहण करने के आदेश जारी किए हैं।