बूंदी| शहर के रणजीत टॉकीज में 18 मई को लगने वाली राजस्थानी फिल्म पक्की हीरोगिरी के प्रमोशन के लिए मुंबई से नच बलिए फ्रेम अरविंद कुमार, फिल्म एक्ट्रेस राखी, हेमा, असिस्टेंट डायरेक्टर निषेध सोनी और प्रोड्यूसर सुभाष सोरल गुरुवार को बूंदी पहुंचे।
अरविंद कुमार अपनी राजस्थानी फिल्म में हाड़ौती अंचल को बढ़ावा देने के लिए आए हैं। प्रेस वार्ता में अरविंद कुमार ने बताया कि राजस्थानी भाषा बचाने के लिए वे आज भी राजस्थानी फिल्मों में भूमिका निभा रहे हैं। आज राजस्थानी भाषा के साथ-साथ राजस्थान दिवस पर सरकारें राजस्थानी कलाकारों को तवज्जो नहीं देती है। हॉलीवुड-बॉलीवुड के कलाकारों पर लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर उनको परेशान करती है, जबकि पंजाब दिवस हो या मराठी दिवस सभी में स्थानीय लोक कलाकारों को ही महत्व दिया जाता है, मगर राजस्थान में स्थानीय कलाकारों का दुर्भाग्य है कि उन्हें राजस्थान दिवस पर भूले से भी याद नहीं किया जाता, ऐसी विडंबना को ध्यान में रखते हुए सरकार को ऐसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गौर करना चाहिए। शुक्रवार दोपहर 12 बजे बूंदी में पहले शो की शुरुआत की जाएगी।
बूंदी. मुंबई से आए कलकार जानकारी देते हुए।
बूंदी| शहर के रणजीत टॉकीज में 18 मई को लगने वाली राजस्थानी फिल्म पक्की हीरोगिरी के प्रमोशन के लिए मुंबई से नच बलिए फ्रेम अरविंद कुमार, फिल्म एक्ट्रेस राखी, हेमा, असिस्टेंट डायरेक्टर निषेध सोनी और प्रोड्यूसर सुभाष सोरल गुरुवार को बूंदी पहुंचे।
अरविंद कुमार अपनी राजस्थानी फिल्म में हाड़ौती अंचल को बढ़ावा देने के लिए आए हैं। प्रेस वार्ता में अरविंद कुमार ने बताया कि राजस्थानी भाषा बचाने के लिए वे आज भी राजस्थानी फिल्मों में भूमिका निभा रहे हैं। आज राजस्थानी भाषा के साथ-साथ राजस्थान दिवस पर सरकारें राजस्थानी कलाकारों को तवज्जो नहीं देती है। हॉलीवुड-बॉलीवुड के कलाकारों पर लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर उनको परेशान करती है, जबकि पंजाब दिवस हो या मराठी दिवस सभी में स्थानीय लोक कलाकारों को ही महत्व दिया जाता है, मगर राजस्थान में स्थानीय कलाकारों का दुर्भाग्य है कि उन्हें राजस्थान दिवस पर भूले से भी याद नहीं किया जाता, ऐसी विडंबना को ध्यान में रखते हुए सरकार को ऐसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गौर करना चाहिए। शुक्रवार दोपहर 12 बजे बूंदी में पहले शो की शुरुआत की जाएगी।