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व्यावसायिक शिक्षा के स्कूलों में नियमित कक्षाएं और लैब चलना बंद

3 वर्ष पहले
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व्यावसायिक शिक्षा दिखावा बनकर रह गई है। सरकारी स्कूलों में ना तो नियमित कक्षाएं लग रही और ना ही लैब खुली। जिन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी दी हुई है वे भी रुचि नहीं ले रहे हैं। इसका खुलासा गुरुवार को स्कूलों के निरीक्षण में हुआ। अधिकारी सकते में आ गए।

शिक्षा विभाग की आेर से निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा चलती है, वहां नियमित रूप में सुबह 7.30 से 11.30 बजे तक लैब खोली जाए। इन लैब को मेंटेन करने व बच्चों को पढ़ाने के लिए जयपुर स्तर से वालंटियर टीचर (विटी) लगाए गए हैं। इन वालंटियर टीचर को भी स्कूलों में रहकर बच्चों को व्यवसायिक शिक्षा पढ़ाने, बच्चों को व्यवसायिक शिक्षा के प्रति आकर्षित करने के लिए रैली निकालने के निर्देश दिए, लेकिन वास्तविकता बिल्कुल विपरीत है। ऐसे में विद्यार्थी भी रुचि नहीं ले रहे हैं। रमसा के एडीपीसी सतीश जोशी हिंडौली सीनियर सैकंडरी स्कूल में पहुंचे तो लैब बंद मिली और विटी भी नहीं था। ऐसे में मोबाइल से उसे बुलाकर लैब खुलवाई तो लैब सही तरीके से इंस्टाल तक नहीं मिली। इसी तरह बूंदी विकासनगर बालिका सीनियर सैकंडरी स्कूल में विटी मिले, लेकिन कक्षाएं ही नहीं चल रही है। हालांकि विटी को निर्देश दिए कि वे छात्राओं के घरों में संपर्क कर नियमित कक्षाएं लगवाएं।

बूंदी. हिंडौली मॉडल स्कूल का निरीक्षण करते शिक्षा विभाग के अधिकारी।

भास्कर न्यूज | बूंदी

व्यावसायिक शिक्षा दिखावा बनकर रह गई है। सरकारी स्कूलों में ना तो नियमित कक्षाएं लग रही और ना ही लैब खुली। जिन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी दी हुई है वे भी रुचि नहीं ले रहे हैं। इसका खुलासा गुरुवार को स्कूलों के निरीक्षण में हुआ। अधिकारी सकते में आ गए।

शिक्षा विभाग की आेर से निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा चलती है, वहां नियमित रूप में सुबह 7.30 से 11.30 बजे तक लैब खोली जाए। इन लैब को मेंटेन करने व बच्चों को पढ़ाने के लिए जयपुर स्तर से वालंटियर टीचर (विटी) लगाए गए हैं। इन वालंटियर टीचर को भी स्कूलों में रहकर बच्चों को व्यवसायिक शिक्षा पढ़ाने, बच्चों को व्यवसायिक शिक्षा के प्रति आकर्षित करने के लिए रैली निकालने के निर्देश दिए, लेकिन वास्तविकता बिल्कुल विपरीत है। ऐसे में विद्यार्थी भी रुचि नहीं ले रहे हैं। रमसा के एडीपीसी सतीश जोशी हिंडौली सीनियर सैकंडरी स्कूल में पहुंचे तो लैब बंद मिली और विटी भी नहीं था। ऐसे में मोबाइल से उसे बुलाकर लैब खुलवाई तो लैब सही तरीके से इंस्टाल तक नहीं मिली। इसी तरह बूंदी विकासनगर बालिका सीनियर सैकंडरी स्कूल में विटी मिले, लेकिन कक्षाएं ही नहीं चल रही है। हालांकि विटी को निर्देश दिए कि वे छात्राओं के घरों में संपर्क कर नियमित कक्षाएं लगवाएं।

इधर, आईसीटी लैबों का भी हाल बेहाल

अधिकारी हिंडौली त्रिवेणी चौक के सैकंडरी स्कूल पहुंचे तो यहां ताला लटका हुआ था, जबकि सरकारी निर्देश दिए हैं कि तृतीय-चौथे चरण की आईसीटी लैब को ग्रीष्मावकाश में भी खोला जाए। इस स्कूल में चौथे चरण की आईसीटी लैब चलाई जा रही है। तीसरे-चौथे चरण की आईसीटी लैब चलाने पर प्रभारी ने उपार्जित अवकाश लाभ दिलाने को कहा है। इसके बावजूद ना तो संस्था प्रधान रुचि ले रहे और ना ही बच्चे ध्यान दे रहे हैं।

अभिभावक भी बच्चाें में ध्यान दें और उन्हें पढ़ने के लिए भेजें, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सके। व्यावसायिक शिक्षा लैब को नियमित खोलने के निर्देश दिए हुए हैं, लेकिन निर्देशों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। -सतीश जोशी, एडीपीसी, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, बूंदी

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