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अस्थाई दुकानदार कलेक्टर से मिले, कहा-स्थाई दुकानें दी जाएं

3 वर्ष पहले
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नैनवां रोड के अस्थाई दुकानदारों को नियमित कर स्थाई दुकानें आवंटित करने की मांग की है। गुरुवार को इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य समृद्ध शर्मा के नेतृत्व में दुकानदार कलेक्टर से मिले और उन्हें परेशानी बताई।

प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि नैनवां रोड पर डिस्कॉम ऑफिस के सामने 25 दुकानदार 40 साल से अस्थाई रूप से कच्ची दुकानें बनाकर व्यवसाय कर रहे हैं। वर्ष 2005 में नगरपरिषद ने ये दुकानें तुड़वा डाली। तब से दुकानदार यहां कच्ची-पक्की दुकानें लगाकर परिवार पाल रहे हैं। उक्त भूमि पर इन दुकानदारों का पुश्तैनी कब्जा है। वर्ष 2008 में प्रशासन शहरों के संग शिविरों में पट्टों के लिए इन दुकानदारों ने आवेदन किए थे पर तब शहर की भूमि रामगढ़ अभयारण्य में थी इस कारण इन दुकानदारों के आवेदन नगरपरिषद ने स्वीकार नहीं किए, जबकि रोड के सामने की भूमि पर अन्य लोगों को पट्टे दिए गए। उक्त भूमि अब रामगढ़ अभयारण्य से मुक्त हो चुकी है। जबकि इन्हें कब्जे के आधार पर नगरीय निकाय विभाग के नियमों में नियमन आवंटन अधिकार पत्र की शर्त संख्या तीन के आधार पर पट्टे दिए जा सकते हैं। परंतु वर्तमान में नगरपरिषद नियमों को दरकिनार कर दुकानदारों को बेवजह परेशान कर रही है। प्रतिनिधिमंडल में गणेशलाल, फिरोज खान, अनवर हुसैन, पूर्व पार्षद मुक्तलिफ अंसारी, शकील अहमद, जमील, सुरेश, नईम, मुख्तार जाकिर, हनुमान यादव, अशफाक हुसैन, सलीम, बजरंगलाल, जावेद खान, जुगराज मीणा शामिल रहे।

बूंदी में नैनवां रोड पर 25 दुकानदार 40 साल से कच्ची दुकानें बनाकर कर रहे व्यवसाय

बूंदी. स्थाई दुकानों के आवंटन की मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे लोग।

भास्कर न्यूज | बूंदी

नैनवां रोड के अस्थाई दुकानदारों को नियमित कर स्थाई दुकानें आवंटित करने की मांग की है। गुरुवार को इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य समृद्ध शर्मा के नेतृत्व में दुकानदार कलेक्टर से मिले और उन्हें परेशानी बताई।

प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि नैनवां रोड पर डिस्कॉम ऑफिस के सामने 25 दुकानदार 40 साल से अस्थाई रूप से कच्ची दुकानें बनाकर व्यवसाय कर रहे हैं। वर्ष 2005 में नगरपरिषद ने ये दुकानें तुड़वा डाली। तब से दुकानदार यहां कच्ची-पक्की दुकानें लगाकर परिवार पाल रहे हैं। उक्त भूमि पर इन दुकानदारों का पुश्तैनी कब्जा है। वर्ष 2008 में प्रशासन शहरों के संग शिविरों में पट्टों के लिए इन दुकानदारों ने आवेदन किए थे पर तब शहर की भूमि रामगढ़ अभयारण्य में थी इस कारण इन दुकानदारों के आवेदन नगरपरिषद ने स्वीकार नहीं किए, जबकि रोड के सामने की भूमि पर अन्य लोगों को पट्टे दिए गए। उक्त भूमि अब रामगढ़ अभयारण्य से मुक्त हो चुकी है। जबकि इन्हें कब्जे के आधार पर नगरीय निकाय विभाग के नियमों में नियमन आवंटन अधिकार पत्र की शर्त संख्या तीन के आधार पर पट्टे दिए जा सकते हैं। परंतु वर्तमान में नगरपरिषद नियमों को दरकिनार कर दुकानदारों को बेवजह परेशान कर रही है। प्रतिनिधिमंडल में गणेशलाल, फिरोज खान, अनवर हुसैन, पूर्व पार्षद मुक्तलिफ अंसारी, शकील अहमद, जमील, सुरेश, नईम, मुख्तार जाकिर, हनुमान यादव, अशफाक हुसैन, सलीम, बजरंगलाल, जावेद खान, जुगराज मीणा शामिल रहे।

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