बूंदी| शहर के दधिमती मातेश्वरी मंदिर में श्रीशतचंडी पंचकुंडीय महायज्ञ के पहले दिन रविवार को देवी-देवताओं का आह्वान किया गया।
प्रधान कुंड में अनिल दाधीच, सूर्य कुंड में अमित दाधीच, चंद्र कुंड में देवेंद्र दाधीच, लक्ष्मी कुंड में धन्नालाल दाधीच, ब्रह्म कुंड में सुमित भारद्वाज ने सप|ी आहुतियां दीं। आचार्य पं. मांगीलाल शर्मा ने हवन कराया। वहीं 21 पंडितों ने दुर्गापाठ, रुद्रपाठ, वाल्मीकि रामायण के पाठ किए। इस मौके पर बाबा रामलखनदास, अध्यक्ष अनंत दाधीच, रुद्रेश दाधीच, अनिल चतुर्वेदी, मंत्री राजकुमार शर्मा, राजेंद्र त्रिपाठी, रामप्रसाद सोमाणी, जिला परिषद सदस्य महेश दाधीच, अनुराग दाधीच, ऋतुराज दाधीच, जगदीश शर्मा, सत्यप्रकाश कासट सहित काफी श्रद्धालु मौजूद रहे।
बूंदी. दधिमती माहेश्वरी मंदिर में शतचंडी पंचकुंडीय महायज्ञ में आहूतियां देते यजमान।
कलश यात्रा निकाली
तिलक चौक स्थित श्रीचारभुजानाथ मंदिर में श्रीमद्देवी भागवत कथा की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई। कलशयात्रा व्यास बावड़ी से रवाना होकर मंदिर पहुंची। रविवार को कथावाचक भूपेंद्र शास्त्री ने परीक्षित का जीवन चरित्र सुनाया। उन्होंने कहा कि शक्ति के बिना शिव तो शिव के बिना शक्ति अधूरी है। इस मौके पर महिलाएं कथास्थल में भजनों पर भाव-विभोर होकर खूब नाची। अंत में कथा आरती कर प्रसाद बांटा गया। कथा में गणेशदत्त व्यास, बसंतकुमार, रामस्वरूप, दिनेश दाधीच, बजरंगलाल सहित काफी श्रद्धालु मौजूद रहे।