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शांति पाना है तो खुद पर काबू कर लो, जिसने समझौता करना सीख लिया वह संत हो गया: मुनि विभंजन सागर

3 वर्ष पहले
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बूंदी का गोठड़ा. धर्मसभा को संबोधित करते जैन मुनि विभंजन मुनिराज।

भास्कर न्यूज | बूंदी का गोठड़ा

अलोद कस्बे के श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर में प्रवचन करते हुए मुनि विभंजन सागर गुरुदेव ने कहा कि जिसके भाग्य में जो लिखा है, उसे वही मिलेगा। परेशान होने से कुछ अतिरिक्त प्राप्त नहीं होने वाला, क्योंकि सर्वोत्तम सत्ता ईश्वर के हाथ में है। यदि वह आपसे नाराज है तो कोई ताकत आपकी मदद नहीं कर सकती।

जीवन में शांति पाने के लिए खुद पर काबू करना सीख लो, जिसने जीवन में समझौता करना सीख लिया वह संत हो गया। वर्तमान में जीवन के लिए सजग व सावधान रहना जरूरी है। देश के उत्थान के लिए सामाजिक विकास और जितनी भी समस्याएं हैं, उन सभी के समाधान के लिए अनुशासन जरूरी है। जैन समाज के प्रवक्ता प्रमोद सांवला ने बताया कि आयोजन के दौरान मंगलाचरण देवेंद्र जैन ने किया। दीप प्रज्ज्वलन जम्मू कोटिया ने किया। इस मौके पर अंताक्षरी प्रतियोगिता हुई, जिसमें चंदनबाला ग्रुप पहले स्थान पर रहा। सोमवार को गुरुदेव के सानिध्य में कौन बनेगा धर्म शिरोमणि प्रतियोगिता होगी। शांतिधारा का सौभाग्य चौथमल पदम जैन परिवार को मिला। संस्कार पाठशाला पं. आशीष शास्त्री व मनोज शास्त्री के सानिध्य में चल रही है।

बूंदी| देश-प्रदेश और शहर की सुख शांति के लिए शहर के नागदी बाजार स्थित नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को संगीतमय नवग्रह मंडल विधान का आयोजन हुआ। जिनेशकुमार और पलाश पाटनी ने नेमीनाथ भगवान की शांतिधारा की। उसके बाद पं. नरेंद्रकुमार जैन ने विधान की पूजा की। महिलाओं ने केसरिया साड़ी, पुरुष सुनहरी धोती-दुपट्टा पहनकर पूजा-अर्चना की। सामूहिक रूप से मंडल जी के समक्ष अर्ध्य चढ़ाया।

पं. नरेंद्र जैन ने बताया कि नवग्रह की पूजा से सांसारिक कष्ट दूर हो जाते हैं और मन को शांति मिलती है। पूजा के बीच-बीच में भजनों की धुन पर महिला-पुरुषों ने नृत्य कर भक्ति की। संगीतकार शर्मा एंड पार्टी के भजनों पर सभी ने नृत्य किए। झीनी-झीनी उड़े रे गुलाल..., सांवलिया पारसनाथ..., केसरिया-केसरिया आज म्हारो रंग केसरिया..., पारस प्यारा लागे-चोलेश्वर प्यारा लागे..., जैसे भजनों पर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। पूजा के अंत में मंडल विधान पर महाअर्ध्य चढ़ाया और महाआरती की गई। इस दौरान योगेंद्र जैन, छुट्टन बाकलीवाल, पारस पाटनी, अभिषेक जैन, नरेंद्र सोनी, दिलीप बाकलीवाल, मनोज जैन, मयंक, शुभम, संतोष पाटनी, कनकमाला पाटनी, रंजना, अर्चना पाटनी, रंजना, शुभम जैन, बबिता, सुमन बाकलीवाल, निर्मला पाटनी, किरण जैन, कमलेश, गुणमाला सहित समाजबंधु मौजूद रहे।

बूंदी. नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर में संगीतमय नवग्रह मंडल विधान के आयोजन में मौजूद समाजबंधु।

भास्कर न्यूज | बूंदी का गोठड़ा

अलोद कस्बे के श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर में प्रवचन करते हुए मुनि विभंजन सागर गुरुदेव ने कहा कि जिसके भाग्य में जो लिखा है, उसे वही मिलेगा। परेशान होने से कुछ अतिरिक्त प्राप्त नहीं होने वाला, क्योंकि सर्वोत्तम सत्ता ईश्वर के हाथ में है। यदि वह आपसे नाराज है तो कोई ताकत आपकी मदद नहीं कर सकती।

जीवन में शांति पाने के लिए खुद पर काबू करना सीख लो, जिसने जीवन में समझौता करना सीख लिया वह संत हो गया। वर्तमान में जीवन के लिए सजग व सावधान रहना जरूरी है। देश के उत्थान के लिए सामाजिक विकास और जितनी भी समस्याएं हैं, उन सभी के समाधान के लिए अनुशासन जरूरी है। जैन समाज के प्रवक्ता प्रमोद सांवला ने बताया कि आयोजन के दौरान मंगलाचरण देवेंद्र जैन ने किया। दीप प्रज्ज्वलन जम्मू कोटिया ने किया। इस मौके पर अंताक्षरी प्रतियोगिता हुई, जिसमें चंदनबाला ग्रुप पहले स्थान पर रहा। सोमवार को गुरुदेव के सानिध्य में कौन बनेगा धर्म शिरोमणि प्रतियोगिता होगी। शांतिधारा का सौभाग्य चौथमल पदम जैन परिवार को मिला। संस्कार पाठशाला पं. आशीष शास्त्री व मनोज शास्त्री के सानिध्य में चल रही है।

बूंदी| देश-प्रदेश और शहर की सुख शांति के लिए शहर के नागदी बाजार स्थित नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को संगीतमय नवग्रह मंडल विधान का आयोजन हुआ। जिनेशकुमार और पलाश पाटनी ने नेमीनाथ भगवान की शांतिधारा की। उसके बाद पं. नरेंद्रकुमार जैन ने विधान की पूजा की। महिलाओं ने केसरिया साड़ी, पुरुष सुनहरी धोती-दुपट्टा पहनकर पूजा-अर्चना की। सामूहिक रूप से मंडल जी के समक्ष अर्ध्य चढ़ाया।

पं. नरेंद्र जैन ने बताया कि नवग्रह की पूजा से सांसारिक कष्ट दूर हो जाते हैं और मन को शांति मिलती है। पूजा के बीच-बीच में भजनों की धुन पर महिला-पुरुषों ने नृत्य कर भक्ति की। संगीतकार शर्मा एंड पार्टी के भजनों पर सभी ने नृत्य किए। झीनी-झीनी उड़े रे गुलाल..., सांवलिया पारसनाथ..., केसरिया-केसरिया आज म्हारो रंग केसरिया..., पारस प्यारा लागे-चोलेश्वर प्यारा लागे..., जैसे भजनों पर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। पूजा के अंत में मंडल विधान पर महाअर्ध्य चढ़ाया और महाआरती की गई। इस दौरान योगेंद्र जैन, छुट्टन बाकलीवाल, पारस पाटनी, अभिषेक जैन, नरेंद्र सोनी, दिलीप बाकलीवाल, मनोज जैन, मयंक, शुभम, संतोष पाटनी, कनकमाला पाटनी, रंजना, अर्चना पाटनी, रंजना, शुभम जैन, बबिता, सुमन बाकलीवाल, निर्मला पाटनी, किरण जैन, कमलेश, गुणमाला सहित समाजबंधु मौजूद रहे।

प्रदेश-शहर में सुख शांति के लिए जैन समाज का संगीतमय नवग्रह विधान

भास्कर न्यूज | बूंदी का गोठड़ा

अलोद कस्बे के श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर में प्रवचन करते हुए मुनि विभंजन सागर गुरुदेव ने कहा कि जिसके भाग्य में जो लिखा है, उसे वही मिलेगा। परेशान होने से कुछ अतिरिक्त प्राप्त नहीं होने वाला, क्योंकि सर्वोत्तम सत्ता ईश्वर के हाथ में है। यदि वह आपसे नाराज है तो कोई ताकत आपकी मदद नहीं कर सकती।

जीवन में शांति पाने के लिए खुद पर काबू करना सीख लो, जिसने जीवन में समझौता करना सीख लिया वह संत हो गया। वर्तमान में जीवन के लिए सजग व सावधान रहना जरूरी है। देश के उत्थान के लिए सामाजिक विकास और जितनी भी समस्याएं हैं, उन सभी के समाधान के लिए अनुशासन जरूरी है। जैन समाज के प्रवक्ता प्रमोद सांवला ने बताया कि आयोजन के दौरान मंगलाचरण देवेंद्र जैन ने किया। दीप प्रज्ज्वलन जम्मू कोटिया ने किया। इस मौके पर अंताक्षरी प्रतियोगिता हुई, जिसमें चंदनबाला ग्रुप पहले स्थान पर रहा। सोमवार को गुरुदेव के सानिध्य में कौन बनेगा धर्म शिरोमणि प्रतियोगिता होगी। शांतिधारा का सौभाग्य चौथमल पदम जैन परिवार को मिला। संस्कार पाठशाला पं. आशीष शास्त्री व मनोज शास्त्री के सानिध्य में चल रही है।

बूंदी| देश-प्रदेश और शहर की सुख शांति के लिए शहर के नागदी बाजार स्थित नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को संगीतमय नवग्रह मंडल विधान का आयोजन हुआ। जिनेशकुमार और पलाश पाटनी ने नेमीनाथ भगवान की शांतिधारा की। उसके बाद पं. नरेंद्रकुमार जैन ने विधान की पूजा की। महिलाओं ने केसरिया साड़ी, पुरुष सुनहरी धोती-दुपट्टा पहनकर पूजा-अर्चना की। सामूहिक रूप से मंडल जी के समक्ष अर्ध्य चढ़ाया।

पं. नरेंद्र जैन ने बताया कि नवग्रह की पूजा से सांसारिक कष्ट दूर हो जाते हैं और मन को शांति मिलती है। पूजा के बीच-बीच में भजनों की धुन पर महिला-पुरुषों ने नृत्य कर भक्ति की। संगीतकार शर्मा एंड पार्टी के भजनों पर सभी ने नृत्य किए। झीनी-झीनी उड़े रे गुलाल..., सांवलिया पारसनाथ..., केसरिया-केसरिया आज म्हारो रंग केसरिया..., पारस प्यारा लागे-चोलेश्वर प्यारा लागे..., जैसे भजनों पर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। पूजा के अंत में मंडल विधान पर महाअर्ध्य चढ़ाया और महाआरती की गई। इस दौरान योगेंद्र जैन, छुट्टन बाकलीवाल, पारस पाटनी, अभिषेक जैन, नरेंद्र सोनी, दिलीप बाकलीवाल, मनोज जैन, मयंक, शुभम, संतोष पाटनी, कनकमाला पाटनी, रंजना, अर्चना पाटनी, रंजना, शुभम जैन, बबिता, सुमन बाकलीवाल, निर्मला पाटनी, किरण जैन, कमलेश, गुणमाला सहित समाजबंधु मौजूद रहे।

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