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करवर क्षेत्र में ट्यूबवेल का पानी रीता 2 दिन में सप्लाई, समय पर असमंजस

3 वर्ष पहले
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गर्मी की तपिश बढ़ने व भू-जलस्तर में दिनों-दिन आ रही गिरावट के चलते गांवों में पेयजल संकट गहरा रहा है। कस्बे में बासला बांध आपात योजना की 5 में से 2 ट्यूबवेलों का पानी रीतने व पानी का संग्रहण नहीं होने से ब्लॉकवार नलों की पेयजल वितरण व्यवस्था गड़बड़ा गई है।

वाटर वर्कर्स ने रोजाना जलापूर्ति प्रभावित होने की समस्या देखते हुए जलापूर्ति अंतराल बढ़ाकर अब 48 घंटों में एक समय महज 40 मिनट कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि केवल 30 मिनट ही पानी आता है। इससे पहले कस्बे में 24 घंटे में केवल 30 मिनट ही पानी की सप्लाई होती थी।

मंगलवार को आधे कस्बे में तय समय पर जलापूर्ति नहीं होने से उपभोक्ताओं को इंतजार कर बिजली आपूर्ति के समय पर दूरदराज लगे सरकारी टयूबवेलों से पानी जुटाना पड़ा। उपभोक्ता अंतिम दाधीच, गणेश, अंकुर, आशीष ने बताया कि जलदाय विभाग की उदासीन कार्यप्रणाली के चलते ग्रामीण अभी से जल संकट झेलने को मजबूर है। जबकि बासला बांध आपात योजना की ट्यूबवेलों में आवश्यक पानी उपलब्ध है। जलदाय विभाग व्याप्त खामियों को दुरुस्त करने के बजाय आपूर्ति अंतराल बढ़ाकर इतिश्री कर रहा है।

गांवों में हैंडपंपों के बाद ट्यूबवेलों का भी पानी रीतने से पेयजल समस्या गहरा गई है। अनियमित बिजली आपूर्ति भी जलसंकट बढ़ाने में सहायक बनी हुई है।

करवर। सकतपुरा गांव में पानी भरती महिलाएं।

गर्मी में पानी की खपत बढ़ने और टैंकरों के समय पर नहीं आने से बढ़ी परेशानी

गर्मी में पानी की खपत बढ़ने व टैंकरों के नियत समय नहीं आने से ग्रामीणों को बिजली आपूर्ति समय दूरदराज लगे निजी व सरकारी ट्यूबवेलों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। कांकरिया व सकतपुरा में एक सरकारी ट्यूबवेल भी पानी रीतने से रुक-रुक कर चल रही है। जिससे लोगों को इंतजार करना पड़ता है। अरनेठा झोपड़ा, संग्रामगंज, केदारा की झोंपड़ियां, माणी, कुशालीपुरा, काशीपुरा, श्रीपुरा, केशवपुरा में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति है। हालांकि कई गांवों में पेयजल परिवहन के लिए टैंकर लगा रखे है, लेकिन उनके बिजली आपूर्ति समय भरकर लाने से उनका समय निर्धारित नहीं है। ऐसे में ग्रामीण आवश्यक पानी दूरदराज से जुटा रहे है।

बासला बांध आपात योजना के ट्यूबवेलों में पानी की कमी से अंतराल बढ़ाया है। जलापूर्ति समय भी बढ़ाकर 40 मिनट कर दिया है। गांवो में सरकारी ट्यूबवैल व टैंकरों से जलापूर्ति हो रही है। अनियमित बिजली आपूर्ति से जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। दिनेश गोचर, जेईएन, जलदाय विभाग

पहले हर दिन 30 मिनट होती थी सप्लाई

नैनवां में 2 नलकूप लगेंगे, 30 टैंकरों से सप्लाई होगी

नैनवां| शहर में 72 घंटों में हो रही जलापूर्ति में सुधार के लिए जलदाय विभाग ने कवायद शुरू की। जलापूर्ति सुचारू करवाने के लिए शहर में दो नलकूप लगाए जाएंगे जाएंगे तथा 30 पानी के टैंकर पेयजल सप्लाई के काम में लिए जाएंगे। सोमवार को पालिका चेयरमैन मधु कंवर, पार्षद महावीर सिंधव, पूर्व पार्षद भंवरसिंह, भाजपा नेता महेंद्र बरमुंडा ने बूंदी में भाजपा जिलाध्यक्ष महिपत सिंह हाड़ा से मुलाकात कर नैनवां में व्याप्त पेयजल संकट की जानकारी देकर इसमें सुधार की मांग की थी।

इस पर जिलाध्यक्ष ने जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल से बात कर नैनवां शहर में 72 घंटों के अंतराल में हो रही जलापूर्ति व अन्य पेयजल समस्याओं के बारे में जानकारी देकर नैनवां में जलापूर्ति में सुधार करवाने की मांग की थी। इसके बाद भाजपा का शिष्ट मंडल कलेक्टर से मिला और नैनवां में व्याप्त पेयजल संकट का समाधान करने की मांग की। कलेक्टर के निर्देश पर जलदाय विभाग एक्सईएन दीपक झा मंगलवार को नैनवां पंहुचे। पालिका चेयरमैन व भाजपा नेताओं के साथ बैठक कर व्यवस्था में सुधार के बारे में चर्चा की। चेयरमैन ने बताया कि जलदाय विभाग एक्सईएन ने अगले सप्ताह से शहर में 48 घंटों के अंतराल में जलापूर्ति करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद एक्सईएन ने शहर में पेयजल की समस्या में सुधार करने को लेकर एसडीएम से भी मुलाकात की।

नैनवां में जलापूर्ति में सुधार के लिए दो नलकूप टोडापोल व देईपोल में लगाए जाएंगे। इनका स्थान का चयन कर लिया है। जल्दी ही इन नलकूपों के बोर कराने के कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रशासन ने शहर में 40 टैंकर भी स्वीकृति जारी की है। दीपक झा, एक्सईएन, जलदाय विभाग

बिजली कटौती होने पर दूरदराज से पानी लाते हैं क्षेत्र के बाशिंदे

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