महिला मंडल ने दिया बारिश का पानी बचाने का संदेश
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर
पहली बार 900 फीट नीचे तक जल स्तर गिरने से जल संकट से जूझ रहे रूईकर वार्ड के परिवारों ने पानी का महत्व समझा और महिला मंडल ने बारिश के पानी से जल स्तर बढ़ाने के लिए जागरुकता अभियान शुरू किया है।
बुधवार सुबह 10.30 बजे पार्षद वंदना पांडूरंग राठौर के नेतृत्व में महिला मंडल क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने निकला। इसमें जनपद अध्यक्ष किशोर पाटील की प|ी वंदना पाटील, सारिका वीरेंद्रसिंह ठाकुर शामिल हुई। घर-घर पहुंचकर लोगों को जल संकट से रूबरू कराया। जल स्तर बढ़ाने सस्ता और आसान तरीका बताया। पहले ही दिन पार्षद वंदना राठौर ने सात बाय छह वर्गफीट का गड्ढा खोद, छत के पाइप को उसमें उतार दिया ताकि बारिश का पानी जमीन में जाकर भू-जल ऊपर आ सके। उन्हें देखकर क्षेत्र के अशोक पवार और शंकर सावले ने भी गड्ढे कर सिस्टम तैयार किया। पहले दिन लगभग 25 घरों तक पहुंचकर पानी बचाने का संदेश दिया। इसमें सुनंदा राठाैर, लता ढोके, मंजू खेमरिया, हेमा दतिमती सहित अन्य महिलाएं शामिल हुई।
रूईकर वार्ड में 900 फीट जलस्तर गिरने पर पानी का महत्व समझे परिवार, तीन परिवारों ने लगाया हार्वेस्टिंग सिस्टम
महिला मंडल ने गड्ढा खुदवाकर बताया जलस्तर बढ़ाने का तरीका।
वार्ड में 1200 मकान, सभी ने गड्ढे खोदे तो बढ़ेगा जलस्तर
पार्षद वंदना पांडूरंग राठौर ने कहा वार्ड में कुल 1200 मकान है। यदि हर मकान में सात बाय छह फीट का गड्ढा खोदकर पानी उतारा तो पूरे क्षेत्र में 48 हजार वर्गफीट के गड्ढे से पानी रिसकर जमीन में जाएगा।
लाखों रु. खर्च के बाद भी 10 ट्यूबवेल से नहीं निकला पानी
1200 मकानों के लिए पांच ट्यूबवेल थी। जल स्तर घटने से पांचों ने दम तोड़ दिया। गर्मी में नए लगभग 10 ट्यूबवेल कराए। उसमें भी लाखों खर्च कर पानी नहीं निकला। अब टैंकरों के माध्यम से पानी बंट रहा। पहली बार क्षेत्र में ऐसी भयावह स्थिति बनी है।
ऐसे जमीन में उतारे पानी
अधिकांश छतों के पानी की निकासी के लिए लोगों ने पाइप लगाकर रखे हैं। इसे जमीन तक पाइप बिछाना है। उसे सात फीट गहरे और छह फीट चौड़े गड्ढे में उतारना है। इसमें 1 हजार रुपए का खर्च आएगा। गड्ढे में 500 रुपए की बोल्डर पत्थर और ईंट का चूरी डाल दें।