शिकायत पर लोक आयुक्त ने इंदौर स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों की टीम बनाकर जांच कराई
बुरहानपुर | जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में वर्ष 2013 में तीन लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति फर्जी हुई थी। इसकी जांच रिपोर्ट इंदौर स्वास्थ्य संचालनालय ने लोक आयुक्त को प्रमाण के साथ भेजी है। अब जल्द तीनों नियुक्ति सहित सीएमएचओ, पूर्व सिविल सर्जन और बाबू पर एफआईआर दर्ज होगी। इसके लिए लोक आयुक्त ने शिकायतकर्ता से स्टाम्प पर लिखित आवेदन मांगा है।
वर्ष 2013 में स्वास्थ्य विभाग में जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में लैब टेक्नीशियन के पद पर कमलेश सालवे, रेखा पटेल, साजिद मीर की सीधी भर्ती की गई थी। इसमें सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान, पूर्व सिविल सर्जन डॉ. केएम गुप्ता की ओर से नियम का पालन नहीं किया गया था। जिसकी नेपानगर के प्रीतमसिंह ने नवंबर 2017 को इंदौर लोक आयुक्त व स्वास्थ्य सचिव को शिकायत की थी। लोक आयुक्त ने स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों की कमेटी बनाई। इसके बाद 4 जनवरी 2018 को मामले की जांच शुरू हो पाई। जांच के दौरान प्रमाण के तौर पर अफसरों से दस्तावेज मांगे लेकिन विभाग के बाबू श्रीकांत श्रीनिवास दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए। इसमें सामने आया कि नियम से पद पूर्ति के लिए शासन स्तर के निर्देश पर आरक्षण रोस्टर अनुसार दैनिक समाचार पत्र में विज्ञप्ति जारी नहीं की। उम्मीदवारों की मेरिट सूची कार्यालय के सूचना पटल पर नहीं लगाई। जिस कारण दावे-आपत्ति का अवसर नहीं मिला। बिना साक्षात्कार कर्मचारियों की सीधी भर्ती आवेदन लेकर की गई। जो कि शासन के नियम अनुसार नहीं है। इसकी रिपोर्ट टीम ने लोक आयुक्त को सौंपी।