पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 410 पर पारा लेकिन ये गर्मी भी प्रवासी पक्षियों को रास आ रही, ताप्ती और रेणुका झील पहुंचे, जुलाई में कुनबा बढ़ाकर लौटेंगे

410 पर पारा लेकिन ये गर्मी भी प्रवासी पक्षियों को रास आ रही, ताप्ती और रेणुका झील पहुंचे, जुलाई में कुनबा बढ़ाकर लौटेंगे

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इन दिनों पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों को ये भीषण गर्मी भले ही लगे लेकिन ये आबोहवा दक्षिण-पूर्व एशिया यानी बांग्लादेश, कंबोडिया, चीन, मलेशिया, म्यामार, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, थाईलैंड व वियतनाम में पाए जाने वाले पक्षियों को आकर्षित कर रही है। इस दिनों ये ताप्ती और रेणुका झील में मछलियों का शिकार कर अठखेलियां कर रहे हैं। प्राकृतिक अनुकूल वातावरण के चलते ताप्ती की आबोहवा इन्हें रास आ रही है।

ओरिएंटल व्हाइट आईबीस या काले मुखी (थ्रेस्कीर्निस मेलानसेफेलस) एक निकट खतरे वाला जल पक्षी है। जिसे स्थानीय तौर पर मयंग उरोक कहा जाता है। इसके अलावा एशियन ओपन बिन स्टोर्क ताप्ती नदी के आसपास ऊंचाई वाले पेड़ों पर डेरा डाले हुए है। इस प्रवासी पक्षी को स्थानीय लोग इसे बगुला ही समझते है। एशियन ओपन बिल स्ट्रोक का वैज्ञानिक नाम एनास्टोमस ओसिटेंस है। ताप्ती के आसपास रहने वाले लोगों ने कहा- हर साल गर्मी के मौसम में आते हैं। बारिश शुरू होने पर जाते हैं। पक्षी विशेषज्ञ सौमित्र शुक्ला ने बताया हमारे लिए ये वातावरण भले ही गर्म हो लेकिन इन पक्षियों के प्रजनन के लिए ये आबोहवा उपयुक्त है।

ब्लैक हैडेड आइबीस

तासीर : ठंडा वातावरण

मुख्य रूप से बंग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका व जापान में अधिक संख्या में पाए जाने वाला यह पक्षी ताप्ती किनारे हर साल दिखाई देता है। तासीर के अनुसार इसे ठंडा वातावरण पसंद है।

खासियत ऊंचाई पर घोसला

इसकी खासियत यह है कि एक दिन में काड़िया चुनकर ऊंचे और घने पेड़ पर सुंदर सा घोसला बनाता है। और फिर दो से चार अंडे प्रतिदिन देते है। इन्हें पहचानना मुश्किल होता है कौन नर है और कौन मादा। इनके बच्चों की पहचान है कि गर्दन सफेद होती है और बड़ों की गर्दन काली होती है।

पहचान : गर्दन और पैर काले इनमें जो बड़ी उम्र के होते हैं वह बहुत ही कम पाए जाते हैं। इनकी लंबाई 75 सेमी होती है इनका एक रंग सफेद होता है लेकिन पंखों का रंग ग्रे के साथ मिला हुआ होता है। इनका सिर बाल से घिरा हुआ होता है। इनकी गर्दन और पैर काले होते हैं।

एशियन ओपन बिन स्टोर्क

तासीर : नदी और ऊंचे पेड़ के आसपास पाए जाते हैं

यह पक्षी नदी और उसके आसपास के ऊंचाई वाले पेड़ों पर अपना घोंसला बनाता है। बबूल, पीपल, बरगद व इमली के पेड़ों पर तिनकों से घोंसला बनाते हैं। अन्य पक्षियों की तरह इस पक्षी का भी जुलाई माह में प्रजनन काल शुरू होता है। पानी वाले स्थान के आसपास ही प्रजनन की तलाश करता है।

खासियत : जीव-जंतु ही इनका भोजन

इनका आहार मुख्य रूप से मछली, घोंघा, कीड़ा, मकोड़ा, मेंढक, केकड़ा सहित जीव-जंतुओं को भोजन के रूप में लेते है। इसके अलावा खेत में जो कीट होते है उन्हें भी यह चुन-चुनकर खाते हैं। इससे खेतों में मिट्‌टी में पड़ने वाली दीमक व अन्य बीमारी नहीं होती।

पहचान : नदी, नाले व झिलों के आसपास भोजन तलाश करते हैं। काला और कत्थाई कलर होता है इसके पैर गुलाबी रंग व चोंच लंबी होती है। मछली व अन्य जल जीवों को ऊपर से ही देखकर पानी में चोंच डालकर उठा लेता है।

खबरें और भी हैं...