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हम बेटियों को यही जताते हैं कि तू कमजोर है, सोच बदलनी होगी

3 वर्ष पहले
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स्टीरिअर्स ग्रुप के साथ ओपन माइक पर युवाओं ने बेटियों की सुरक्षा पर साझा किए विचार

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

रविवार शाम 4 बजे से स्टीरिअर्स ग्रुप के साथ खुले मंच और खुले माइक पर शहर के युवाओं ने बेटियों की सुरक्षा पर प्राचीन श्री रेणुका माता मंदिर स्थित उद्यान में घूमने आए लोगों को अपने विचार साझा किए।

ओपन माइक पर सुनीता शर्मा ने कहा- बेटी बचाओ शब्द कब बेटियों के लिए चेतावनी बन गया पता ही नहीं चला। हम बेटियों को परोक्ष या अपरोक्ष रूप से यहीं जताते हैं कि तू कमजोर है और बेटों को ये यकीन दिलाते हैं कि तू कमजोर नहीं। ये जो भेदभाव हो रहा है, उसे खत्म करने के लिए हमें अपनी सोच को बदलना होगा। इतनी जल्दी तो हम बदल नहीं सकते लेकिन बदलाव की शुरुआत तो करना होगी। पूनम सोनी ने कहा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के लिए महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी है। अभियान का नेतृत्व कर स्वस्थ समाज, यौन हिंसा, दहेज प्रथा और वैश्यावृत्ति को रोक सकते हैं। महिला अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

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