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अवैध कॉलोनी में दलाल ने 6.75 लाख रु. में बेचा प्लॉट; रजिस्ट्री नहीं

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

खंडवा रोड स्थित मिलेनियम कॉलोनी को शासन ने अवैध घोषित कर दिया है। इसके बावजूद दलाल ने प्लॉट के नाम पर लाखों रुपए एडवांस लेकर रजिस्ट्री नहीं की। फतेहपुर में औद्योगिक मद की जमीन पर पवनकुमार देवकीनंद ने कॉलोनी काट दी थी। शिकायत के बाद शासन ने इसे अवैध घोषित कर बाकायदा बोर्ड लगा दिया था।

प्लॉटों की दलाली कर रहे अब्दुल तारीक पिता वहाब ने बोर्ड निकालकर फेंक दिया। ताकि प्लॉट बेचने का सिलसिला जारी रहे। अब्दुल तारीक से नेपानगर के मातापुर की फरजाना बी पति साजिद अहमद ने 2014 में अब्दुल तारीख से 16 नंबर प्लाट की 1200 वर्गफीट भूखंड का 6.60 लाख रुपए में सौदा तय किया था। किस्तों में तारीख को 6.75 लाख रु. दे दिए। 55 हजार ईंटे भी रख ली और रजिस्ट्री भी नहीं की। जिसको लेकर पीड़िता ने नेपानगर थाने में शिकायत की थी। प्लाॅट का अब तक सीमांकन भी नहीं हो पाया है। फरजाना बी ने कहा नेपानगर पुलिस ने 15 दिन पहले हमारे बीच समझौता कराया। जिसमें अब्दुल तारीक ने18 अप्रैल को प्लाॅट की रजिस्ट्री करने की हामी भरी। बुधवार दोपहर 2.30 बजे उसके जय स्तंभ स्थित ऑफिस पहुंचे तो वो कहने लगा नेपा थाने में की गई मेरी शिकायत वापस लो। उसके बाद रजिस्ट्री करुंगा। फिर जमीन के वास्तविक दस्तावेज और रजिस्ट्री के ढाई लाख मांगने लगा। हमने उसे दस्तावेज और रुपए देने से इनकार कर दिया तो अभद्रता कर जान से मारने की धमकी देते हुए कहा की घर नहीं पहुंच पाओगे। जिसके बाद हम जान बचाने के लिए कोतवाली पहुंचे। शिकायत पर पुलिस ने दलाल को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली में आरोपी के खिलाफ धारा 504(धमकाना) का केस दर्ज किया है। प्रापर्टी से जुड़े लोगों ने बताया कि अब्दुल तारीख ने मिलेनियम कॉलोनी में करीब 25 लोगों को प्लॉट बेचे है। जबकि उसका प्लॉट बेचने का अधिकार नहीं है। जमीन पवनकुमार की प|ी के नाम की है।

आरोपी तारीक

कॉलोनी को एसडीएम अवैध घोषित कर चुके, उप पंजीयक कार्यालय में आगामी आदेश तक रजिस्ट्रियों पर रोक लगी फिर भी बेच रहे

दो साल पहले से रजिस्ट्री पर रोक लग चुकी

खसरा नंबर 131 का रकबा 89308 वर्गफीट भूमि इतवारा के पवनकुमार देवकीनंदन के नाम दर्ज है। तत्कालीन एसडीएम श्यामेंद्र जायसवाल ने अपने कार्यकाल में मिलेनियम कॉलोनी को जांच में अवैध घोषित किया था। यह जमीन औद्योगिक क्षेत्र की होने से इस पर कॉलोनी नहीं काटी जा सकती। कॉलोनी के लिए एसडीएम कार्यालय से भूमि विकास की अनुज्ञा नहीं दी गई। उनके पास नगर एवं ग्राम निवेश से नक्शे की स्वीकृति भी नहीं थी। कॉलोनी का लाइसेंस भी नहीं था। जिसके बाद उप पंजीयक कार्यालय पत्र भेजकर रजिस्ट्री पर रोक लगाई।

तारीक बोला- साढ़े तीन एकड़ में काटी है कॉलोनी

अब्दुल तारीक ने कहा साढ़े तीन एकड़ में कॉलोनी काटी है। जिसमें 150 से ज्यादा प्लाॅट काटकर बेच चुके है। जिनमें से कुछ 450, 500 तो कुछ 550 रुपए प्रति वर्गफीट में प्लाॅट दिए। अधिकांश की रजिस्ट्रियां नहीं हुई। कुछ ने निर्माण शुरु किए है। पूरी कॉलोनी का विस्तार मेरे द्वारा किया गया है। फिर भी उपभोक्ता शिकायत कर रहे है। उन्होंने मकान के नाम पर 10.44 लाख रुपए का लोन लेना चाहा। लेकिन खाली प्लाट के कारण बैंक ने लोन निरस्त कर दिया। प्लाॅट की ज्यादा राशि नहीं दे पाए इसलिए रजिस्ट्री नहीं की।

शुरुआत से उस उपभोक्ता के पीछे पड़े थे। लेकिन उन्होंने रजिस्ट्री नहीं कराई। कॉलोनी के प्लॉट्स की रजिस्ट्रियां रोकने का आदेश नहीं है। मेरी समझ से कॉलोनी के सभी दस्तावेज शायद डीलर के पास। -पवन कुमार, कॉलोनाइजर मिलेनियम कॉलोनी

फरियादी ने आवेदन दे रखा है। उनका कहना है 6.60 लाख के प्लाॅट के 6.75 लाख दे दिए है। कॉलोनाइजर का पार्टनर रजिस्ट्री के लिए ढाई लाख और मांग रहा है। 15 दिन पहले दोनों पक्षों में रजामंदी हुई थी कि 18 को रजिस्ट्री करेंगे। उसके बाद की जानकारी नहीं। जांच के बाद केस दर्ज करेंगे। -कमलेश यादव, एसआई नेपा थाना

मापदंड पूरी नहीं कर पाने पर मिलेनियम कॉलोनी को अवैध घोषित किया था। जिसकी रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए उप पंजीयक को पत्र भेजा था। उसके बाद मैंने उन्हें वैध कॉलोनी का कोई आदेश नहीं दिया था। -श्यामेंद्र जायसवाल, सिटी मजिस्ट्रेट

मिलेनियम कॉलोनी की मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। हालांकि मैने किसी को वैध कॉलोनी का आदेश भी जारी नहीं किया है। -सोहन कनाश, एसडीएम

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