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3 लाख रु. लोन का लालच, 50 से ज्यादा लोगों से ऐंठे 4 लाख रु. जब्त, दो हिरासत में

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर/डोईफोड़िया/खकनार

खकनार पुलिस ने बंटी-बबली के एेसे जोड़े को पकड़ा है जो लोन के नाम पर ग्रामीणों से धोखाधड़ी कर रहे थे। तीन लाख रुपए लोन देने के नाम पर प्रत्येक से 18 हजार रुपए मार्जिन मनी जमा के नाम पर ग्रामीणों से लाखों रुपए एेंठ लिए। पीड़ितों की शिकायत पर खकनार पुलिस ने शुक्रवार रात युवक-युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर दोनों के कब्जे से लाखों रुपए का हिसाब, फर्जी दस्तावेज सहित करीब चार लाख रुपए से ज्यादा की राशि जब्त होने की आशंका जताई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की तैयारी कर रही है। जानकारी लगते ही शनिवार सुबह थाने पर 50 से ज्यादा लोग पहुंचे।

अमरावती हाईवे पर खकनार पुलिस थाने से 500 मीटर की दूरी पर सृष्टि महिला सहकारी मर्यादित पत संस्था नरसाला हैदराबाद हेड ऑफिस किराए के मकान में सविता नेवारे निवासी नागपुर व किशोर राठौर निवासी नागपुर हाल मुकाम कालापेठ फर्जी बैंक संचालित कर रहे थे। ग्रामीण लोन के लिए रोज आते और खाली हाथ चले जाते। कई लोगों ने फाइल चार्ज के नाम पर रुपए जमा किए जो कि लोन मांग रहे थे लेकिन आज-कल, कुछ दिन में हो जाएगा कहकर कथित बैंक संचालक लोगों को समझाकर आगे बढ़ा देते थे। मैनेजर सविता नेवारे ने खकनार, डोईफोड़िया, डेढ़तलाई, सिरपुर, पीपलपानी सहित आसपास के लगभग हर गांव में अपने एजेंट तैयार कर लिए थे जो कि 20 हजार से 3 लाख रुपए लोन देने का झांसा देकर ग्रामीणों को सविता के पास लाते थे। 3 लाख का लोन लेने के लिए फाइल चार्ज के नाम पर प्रत्येक से 18 हजार रुपए वसूल रहे थे। एक माह का समय देते और 3 लाख रुपए पर 12 प्रतिशत का ब्याज लेते थे। 3 लाख रुपए की मासिक किस्त 6900 रु. 5 साल तक भरना थे। लालच में 40 से अधिक लोगों ने 6 हजार से 18 हजार रुपए जमा किए। सविता ने करीब पांच लाख रुपए जमा कर लिए। ग्राम सांडस के कमलसिंह मांगीलाल, चुन्नीलाल तुकाराम, संतोष मोहन, संतोष जालम, शिवदास मयाराम राठौड़ ने दो माह से 16 लोगों के 48 हजार रुपए फाइल चार्ज के जमा किए थे, जिन्हें एक महीने में लोन मिलना था। समय बीत जाने के बाद भी लोन नहीं मिला। मातापुर के 10 लोग अनारसिंह राठौड़, दरबार राठौड़, आत्माराम चौहान, डोईफोड़िया के पवन महाजन, जयकिशन चौहान, मुकेश पाटील, उदय महाजन और अन्य लोगों ने 18-18 हजार रु. जमा किए।

बैंक के चक्कर लगाने पर लोगों को हुई शंका, 50 से ज्यादा लोग पहुंचे थाने
खकनार थाने में आरोपियों युवक-युवती से पूछताछ की गई।

पास ही गांव में रहता था फर्जी बैंक संचालक
फाइल चार्ज जमा करने के बाद भी रुपए नहीं मिलने पर ग्रामीण बैंक के चक्कर लगाते रहे। इस दौरान सविता नेवारे लोगों से कहतीं थीं कि बॉस हैदराबाद में है। आपकी फाइल वहां गई हुई है तीन लाख रुपए पास होने में समय तो लगेगा। जिस बॉस के बारे में सविता बात करतीं वह पास ही के गांव कालापेठ में अपनी बुआ के घर रहता था। 12वीं कक्षा तक पढ़ा किशोर फर्जी बैंक का कर्ताधर्ता था। दोनों के पास करीब 4 लाख रुपए से ज्यादा की जमा राशि मिली है। मामले में पुलिस पूछताछ कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार बंटी-बबली की जोड़ी दो-चार दिन में रुपए जमा कर भागने की तैयारी में थे। इस दौरान पुलिस के हाथ लग गए।

एक ग्राहक तैयार करने पर 200 रु.
आसपास के गांवों में एजेंट बनाकर रखे थे जो कि ग्राहक बनाते थे। प्रत्येक ग्राहक पर एजेंट को 200 रुपए कमिशन मिलता था। इस कारण नेटवर्क फैलने में समय नहीं लगा। आदिवासी क्षेत्र के 50 से अधिक लोगों ने करीब 3 लाख से ज्यादा रुपए फाइल चार्ज के भर दिए।

नागपुर की बैंक में कर चुके हैं फर्जीवाड़ा
किशोर और सविता दोनों नागपुर के रहने वाले हैं। वहां एक बैंक में काम करते थे। दोनों ने मिलकर गड़बड़ी की। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने उन्हें नागपुर से भगा दिया। बैंक के कामकाज और लोन लेन-देन का नॉलेज होने से सविता और किशोर ने मिलकर यह दुकान खोली। कुछ लोगों को 10, 20 व 30 हजार रुपए के लोन भी बांटे। इसके बाद 3 लाख रुपए तक लोन बांटने की लालच दी गई। ग्रामीण लालच में आ गए। रुपए जमा करते हैं। साथ में बैंक का कोरा चेक साइन किया हुआ आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल, पैन कार्ड, पासपोर्ट फोटो, बैंक पासबुक लेते थे। एक माह में लोन पास होने का समय दिया जाता था।

पूछताछ चल रही है
मामला धोखाधड़ी का है। दोनों से पूछताछ चल रही है। प्रकाश गाडरिया, टीआई

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