मध्याह्न भोजन परोसने का कार्य निजी कंपनियों को दिए जाने का विरोध
झारखंड प्रदेश रसोईया संयोजिका संघ ने बैठक कर बनाई रणनीति
भास्कर न्यूज | जमशेदपुर/चाईबासा
झारखंड प्रदेश रसोईया संयोजिका संघ द्वारा सरकारी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन परोसने का कार्य निजी कंपनियों को दिए जाने के विरोध में 7 मई 2018 को मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव कार्यक्रम में पश्चिम सिंहभूम जिले से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे ।
रसोईया संयोजिका संघ के पश्चिम सिंहभूम जिले के अध्यक्ष बिरसा मुंडा ने बताया कि 7 मई 2018 को विद्यालयों के रसोइया संयोजिका व अध्यक्ष सामूहिक अवकाश में रहकर बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री कार्यालय से घेराव कार्यक्रम में भाग लेंगे । रसोईया संयोजिका संघ द्वारा 15 सूत्री मांगों के समर्थन में 19 जनवरी 2018 से 5 फरवरी 2018 तक लगातार विधानसभा के समक्ष आंदोलन करने के बाद मुख्य मंत्री से मिले थे । उनके द्वारा लिखित आश्वासन पर प्रधान सचिव द्वारा 2 माह बाद तक कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण रसोईया संयोजिका एवं अध्यक्षों में भारी नाराजगी व्याप्त है । मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन दिया गया था कि कैबिनेट में पास कर रसोईया संयोजिका का वेतन 18000 रूपया कर दिया जाएगा एवं सेवानिवृत्ति की अवधि 60 वर्ष आयु होगी । इसके अलावा सबों का निशुल्क बीमा कराने का आश्वासन दिया गया था । 2 माह बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार के कार्यवाही नहीं की गई । वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा 10 हजार सरकारी विद्यालयों को बंद कर गरीब बच्चों को मिल रही शिक्षा को छीन लेने का फैसला किया गया है । इसे रोका नहीं गया तो गरीब बच्चों का शिक्षा छिना जाएगा । सरकार द्वारा विद्यालयों के बच्चों को खाना खिलाने की जिम्मेदारी निजी कंपनियों को देने की तैयारी की जा रही है । इस योजना के तहत कंपनियां बच्चों को पैकेट में बंद बासी खाना परोसेगी। संयोजिका रसोईया और अध्यक्षों के प्रयास से अभी तक विद्यालकयों के बच्चों को ताजा और खाना मिल रहा है । इसके स्थान पर पैकेटबंद बासी केमिकल युक्त खाना परोसना छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है ।