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सांगाजाटा में जमे नक्सलियों को मात देने की रणनीति तैयार, आईजी ने की समीक्षा
सारंडा-पोडाहाट जंगल के गोइलकेरा व गुवा सीमा पर अवस्थित सांगाजाटा पहाड़ पर सुरक्षा बल के जवानों ने करीब 100 से ज्यादा नक्सलियों को घेर रखा है। रह- रहकर दोनों ओर से गोलीबारी भी हो रही है। बुधवार को भी नक्सलियों व सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में चार जवानों के घायल होने की खबर है। हालांकि, पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। पुलिस का कहना है कि गांव के मरीजों को वहां से लाया गया है। इधर, पुलिस इस ऑपरेशन को राज्य का सबसे बड़ा नक्सली ऑपरेशन मान रही है। लिहाजा बुधवार को आपरेशन आईजी आशीष बत्रा व सीआरपीएफ आपरेशन के आईजी संजय एस लाटकर बीएसएफ के हेलीकॉप्टर से चाईबासा पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद इन पुलिस अधिकारियों ने जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ सांगाजाटा में चलाए जा रहे अभियान की जानकारी ली। साथ ही नक्सलियों को मात देने के लिए करीब डेढ़ घंटे तक बैठक कर रणनीति बनाई। प्रखंड कार्यालय के पास सीआरपीएफ के डीआईजी कार्यालय में बनाई गई रणनीति को हालांकि सुरक्षा कारणों से गुप्त ही रखा गया है, लेकिन आईजी ऑपरेशन आशीष बत्रा ने बताया कि यह एक बड़ा ऑपरेशन है। इसमें पुलिस को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही बड़ी सफलता मिलने के बाद पूरे ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी भी दे दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने जिला पुलिस व सीआरपीएफ अधिकारियों के साथ नक्सलियों की घेराबंदी की समीक्षा की। साथ ही कई दिशा निर्देश भी दिए।
इसे राज्य का सबसे बड़ा एंटी नक्सल अभियान मान रही है पुलिस
घायल जवानों के आने का इंतजार करती रही एंबुलेंस
इधर, नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में घायल जवानों को इलाज के लिए पहले तो सदर अस्पताल भेजने का फैसला लिया गया, लेकिन बाद में इन जवानों को रांची ले जाया गया है। वहीं जवानों के घायल होने के बाद अपराह्न करीब 3 बजे सदर अस्पताल को अलर्ट कर दिया गया था। साथ ही जिले के पुलिस अधिकारियों को घायल जवानों के इलाज की तैयारी करवाकर रखने का निर्देश भी दिया गया था।
सदर थाना पुलिस भी अस्पताल में रही मुस्तैद
निर्देश के मिलते ही सदर अस्पताल से पुराना चाईबासा स्थित हवाई अड्डा पर तीन एंबुलेंस भी भेज दिए गए थे, लेकिन करीब तीन घंटे के इंतजार के बाद भी घायल जवानों को लेकर सेना का हेलीकॉप्टर चाईबासा नहीं पहुंचा।
मुस्तैदी से नक्सलियों को जवाब दे रहे जवान
सांगाजाटा पहाड की चोटी पर भाकपा माओवादियों का एक दस्ता के साथ नक्सलियों के कई बड़े नेता के होने की सूचना पर सुरक्षा बलों ने आपरेशन चलाया है और पहाड को पिछले चार दिनों से घेर कर रखा है।
नक्सल अभियान का चौथा दिन: गांव में पहुंचे कोबरा व अर्द्ध सैनिक बल के जवान
नक्सलियों ने बिछाए सैकड़ों लैंड माइंस, किए जा रहे डिफ्यूज
गोइलकेरा |गोइलकेरा व गुवा थाना क्षेत्रों के सीमावर्ती इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चौथे दिन भी जारी रहा। नक्सलियों की तलाश में सघन छापामारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि अर्ध सैनिक बलों के जवानों को सांगाजाटा के घने व दुर्गम जंगलों में सैकडों की तादाद में लैंड माइंस बिछे होने का पता चला है। इसके बाद पूरी सतर्कता के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है। लैंड माइंस को डिफ्यूज करने के लिए अर्द्ध सैनिक बलों के बम निरोधक दस्ते को बुधवार को बुलाया गया। उन्हें चाॅपर से गोइलकेरा लाया गया। इसके बाद अभियान वाले इलाके के लिए रवाना किया गया है। मालूम हो कि रविवार को तड़के पुलिस व नक्सलियों के बीच मुठभेड के बाद से सांगाजाटा, बोरोई, बाईहातु इलाके में लगातार नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। एक हजार से ज्यादा जवान पूरे अभियान में लगाए गए हैं। पुलिस इस अभियान में तकनीक का पूरा इस्तेमाल कर रही है। अत्याधुनिक हथियारों, मोर्टार व यूबीजीएल से लैस जवान पूरे इलाके को घेरे हुए हैं।
जंगल में ट्रेनिंग कैम्प होने की संभावना
पुलिस को सांगाजाटा के जंगलों में नक्सलियों का ट्रेनिंग कैम्प होने की जानकारी मिली है। इसकी तलाश में जवान जुटे हैं। वहीं गांव में भी तलाशी अभियान चल रहा है। कई घरों में ताले लटके हैं। पुलिस से बचने के लिए ही नक्सलियों द्वारा इलाके में लैंड माइंस, आईईडी व क्लेमोर बम का जाल बिछाए रखने की संभावना है।