तीसरे दिन 50 फीसदी एटीएम रही कैश आउट, ग्राहकों को हुई परेशानी
भास्कर न्यूज |चाईबासा/चंपुआ
देश की एटीएम कैश की भारी किल्लत से जूझ रही हैं। इसका प्रभाव बुधवार को भी रहा। हालांकि, चाईबासा की करीब 50 फीसदी एटीएम में कैश डाल दिए गए थे, लेकिन एसबीआई व बैंक ऑफ बड़ौदा सहित आधा दर्जन से ज्यादा एटीएम ने रुपए नहीं उगले। एसबीआई की तीन में से दो एटीएम बंद रही। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल, एक्सिस व यूको बैंक की एक भी एटीएम ने नोट नहीं उगला। सबसे खराब स्थिति यूको बैंक के एटीएम की है। यह एटीएम तीन दिनों से नहीं खुल रही है। उम्मीद है कि गुरुवार से स्थिति थोड़ी सामान्य हो। जैंतगढ़ व चंपुआ में भी इसका असर दिखा। इन क्षेत्रों में भी कैश आउट की स्थिति बन गई है। अधिकांश एटीएम में नो कैश की सूचना ग्राहकों को मुंह चिढ़ा रही है। नोटों की निकासी ज्यादा होने व राशि जमा कम होने की वजह से बैंकिंग व्यवस्था लगातार चरमराती जा रही है। यदि अगले दो-चार दिन में आरईबीआई ने कोई व्यवस्था नहीं की तो शनिवार के बाद से शहर में नोटबंदी जैसे हालात उत्पन्न होना तय है। एटीएम खाली होने की खबर से बैंक उपभोक्ता भी बेचैन हो गए हैं। पैसों की कमी की वजह से काम न रुके, इसके लिए ग्राहक बुधवार को भी चमड़ी झुलसा देने वाली तेज धूप में भी लंबी कतार लगाकर एटीएम से राशि की निकासी करते देखे गए।
केस 1 - बैंक से पैसे निकालने पहुंचे सुदेश्वर कुमार ने कहा कि अगले सप्ताह बेटी की शादी है। सुनने में आ रहा है कि बैंकों में पैसा खत्म हो रहा है। इस वजह से आज ही पैसे निकालने बैंक आ गए। एक साथ ज्यादा रुपये देने में बैंक आनाकानी कर रहा है।
केस 2 - बैंक उपभोक्ता रवि प्रकाश ने के अनुसार एटीएम से पैसे निकालने के लिए वे कतार में खड़े हैं। बच्चे की फीस जमा करनी है। आगे क्या स्थिति रहेगी, पता नहीं। यही वजह है कि वे आज ही पैसे निकालने एटीएम पहुंचे हैं। अगर नोटबंदी वाले हालात पैदा हुए तो निश्चित तौर पर परेशानी होगी।
केस 3 - स्टेट बैंक से जुड़ा एक उपभोक्ता तो एक लाख रुपए का चेक भुगतान लेने बैंक पहुंचा हुआ था, लेकिन बैंक कर्मियों की ओर से उन्हें एक साथ इतनी राशि नहीं निकालने का सुझाव दिया गया। बावजूद इस उपभोक्ता ने जरूरी काम बताकर किसी तरह पैसे निकालने में सफलता हासिल कर ली।
ज्यादातर एटीएम में सिर्फ 100 व 200 के नोट
बुधवार को चंपुआ के कुछ बैंकों की एटीएम में जैसे ही रुपए डाले गए लोगों की कतार लग गई। जबकि जैंतगढ़ की इकलौता बीओआई की एटीएम अपनी परंपरा के अनुसार कैश आउट रही। चंपुआ में 100 और 200 के नोट ही निकल रहे हैं। एक मात्र एसबीआई की एटीएम से 500 रुपये का नोट निकाल रहा है। ग्राहक एक बार में 10 हजार रुपए की ही निकासी कर पा रहे है। 40 हजार 1 दिन में निकालने की अधिकतम सीमा है। नियमत: उन्हें तीन बार कार्ड स्वीप करने के बाद चौथी बार का 59 रुपया सर्विस चार्ज कट रहा है।
तीन दिनों से एटीएम में कैश की किल्लत
जानकारी के अनुसार, पिछले तीन दिनों से क्षेत्र की एटीएम रुपए नहीं उगल पा रहे हैं। इसे लेकर बैंकों में ग्राहकों की लम्बी कतार लग गई है। लोगों को एक बार फिर से नोटबंदी की याद ताजा हो रही है। एटीएम में रूपए की किल्लत की खबर सुन लोग अपनी जरूरत के हिसाब से पैसे निकालने बैंकों की ओर बढ़ रहे हैं।
चंपुआ में तीन में सिर्फ एक एटीएम चालू
चंपुआ शहर में एसबीआई की तीन एटीएम हैं। उनमें मात्र एक से ही पैसा निकलता है। इसी प्रकार बीओआई में ड्राई कैश है तो आईसीआईसीआई की एटीएम में से एक में पैसा निकल रहा है। दूसरे बैंकों की एटीएम में ड्राई कैश है। लोग परेशान हैं।
महाजन से सूद पर पैसे लेने को विवश
लोगों को अधिक पैसे की जरूरत है। ऐसे में एटीएम में नो कैश उनकी समस्या बढ़ा रही है। लोग अपना पैसा रहते हुए महाजनों से सूद पर पैसा लेने को बाध्य हैं। जन चेतना मंच के अध्यक्ष विपिन जी ने कहा यह तो नोटबंदी-2 है। लोगों की परेशानी से सरकार को लेना-देना नहीं।