राज्य पुलिस व सीआरपीएफ के अधिकारियों ने गुरुवार को सीआरपीएफ के डीआईजी आॅफिस में राज्य के आईजी आशीष बत्रा ने बैठक कर नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की। साथ ही सारंडा व कोल्हान क्षेत्र को नक्सल मुक्त करने की रणनीति भी बनायी। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में कोल्हान व पोड़ाहाट क्षेत्र से सटे सांगाजटा पहाड़ी के आसपास सुरक्षा बलों का बेस बनाने व कुल सात कैंप बनाने का फैसला लिया गया। बैठक में बताया गया कि इन क्षेत्रों में करीब 100 नक्सलियों के मूवमेंट की जानकारी मिल रही है। यहां नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन को और भी तेज करने का फैसला लिया जाएगा। बैठक के बाद आईजी ने बताया कि 25 दिनों के ऑपरेशन के बाद नक्सलियों के खिलाफ इस ऑपरेशन को जारी रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नक्सलियों के लिए बहुत ही अच्छी पुनर्वास नीति भी बनाई है। लिहाजा वे सरेंडर नीति के तहत मुख्य धारा में शामिल होने के लिए पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण कर दें।
सारंडा-कोल्हान जंगल में नक्सलियों के पॉकेट्स चिह्नित, जारी रहेगा अभियान
नक्सली ऑपरेशन की समिक्षा करने सीआरपीएफ के डीआईजी आॅफिस पहुंचे आईजी आशीष बत्रा व अन्य पुलिस अधिकारी।
नक्सलियों के हर कैंप हो चुके हैं ध्वस्त
सबसे पहले नक्सलियों को टार्गेट करने पर चर्चा की गई। बताया गया कि इन नक्सलियों के साथ इनके पोलित ब्यूरो के तीन सदस्य भी जंगल में मौजूद हैं। हालांकि 25 दिनों तक चलाए गए अभियान के क्रम में नक्सलियों के सभी परमानेंट कैंपों को ध्वस्त कर दिया गया है। इसके बाद से अब वे इधर-उधर घूम रहे हैं। इस दौरान आईजी ने पुलिस अधिकारियों को नक्सलियों के आने-जाने वाले मार्ग पर नजर रखने को कहा। वहीं जिले के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि नक्सलियों के आने-जाने की रूट पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही उनकी हर गतिविधियों की जानकारी भी ली जा रही है। बैठक में बताया गया कि अभी एक माह का समय है। फिर बारिश का मौसम शुरू हो जाएगा। लिहाजा बारिश शुरू होने से पहले ही अभियान को पूरा करने की तैयारी पर चर्चा की।
सारंडा-कोल्हान में मौजूद हैं कई बड़े नक्सली
कोल्हान-पोड़ाहाट व सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किसन दा के अलावा मिसिर बेसरा, सुधाकरन, विवेक दा, अनल दा सहित करीब 100 नक्सली मौजूद हैं। इनमें बिहार के पारसनाथ क्षेत्र के भी कई बड़े नक्सली शामिल हैं। जो समय-समय पर पुलिस को चुनौती देते रहते हैं। इस कारण मुठभेड़ की घटनाएं भी सामने आती है। इसे देखते हुए हमेशा के लिए इन इालाकों से नक्सलियों के खात्मे की रणनीति तैयार की गई। बैठक में मुख्य रूप से रांची रेंज के डीआईजी अमोल बिनू कांत होमकर, सीआरपीएफ के डीआईजी राजीव राय, 197 के कमांडेंट टीएच खान, 174 के द्वितीय कमान अधिकारी अरूण कुमार झा, पुलिस अधीक्षक मयूर पटेल सहित सीआरपीएफ व जिला पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे।
एक गोली का जवाब 10 गोलियांें से देंगे: बत्रा
आईजी आशीष बत्रा ने कहा कि यदि वे मुठभेड़ करते हैं व जवानों पर एक गोली चलाते हैं तो उसका जवाब 10 गोलियों से देंगे। उन्होंने कहा कि जंगल में नक्सलियों के पॉकेट्स को चिह्नित कर लिया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए सांगाजाटा पहाड़ के आसपास सात जगहों पर कैंप लगाया जाएगा। साथ ही इसी कैंप से उनके खिलाफ अभियान भी चलाया जाएगा। मौजूदा समय में नियमित ऑपरेशन जारी है।