पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • चांद दिखा, आज पहला रोजा, रमजान का पवित्र माह शुरू, 16 को मनेगी ईद

चांद दिखा, आज पहला रोजा, रमजान का पवित्र माह शुरू, 16 को मनेगी ईद

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
रमजान के पवित्र महीने के आगाज को लेकर देर शात तक उहापाेह की स्थिति रही लेकिन रात नौ बजे के करीब इमारत शरिया (बिहार, ओडिशा, झारखंड )के हवाले से इमारत शरिया जमशेदपुर के काजी सउद आलम कासमी ने बताया कि रमजानुल मुबारक के चांद नजर आने की कई जगह पुष्टि होने के बाद इसकन ऐलान किया जा रहा है कि रमजान का पहला रोजा गुरुवार से होगा। इस तरह रमजान में महीने भर पढी जाने वाली तरावही की विशेष नमाज भी शहर की कई मस्जिदों में देर रात शुरू हुई। सबसे पहले अल्लाह तआला का शुक्र व एहसान है कि एक बार फिर हमे रमजान उल मुबारक का महीना नसीब होने जा रहा है। जैंतगढ़ जामा मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना नाजिर हुसैन असरी ने कहा कि हदीस मे इसे सब्र का महीना भी कहा गया है। इस माह मे जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं तथा जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते है। अरबी कैलेंडर के हिसाब से शाबान महीने के बाद रमजान का महीना शुरू हो जाता है। अभी शाबान का महीना चल रहा है। आज तीसवी तारीख है। बुधवार को रमजान का चांद दिखते ही गुरुवार से पहला रमजान शुरू गया। रोजे की तैयारी और माहे रमजान के स्वागत में समुदाय के लोग जुट गए हैं।

15 घंटे होगा लंबा रोजा, लेगा सब्र का इम्तेहान

पहले दिल में एक फैसला कर लें कि इस मुबारक माह को हम अपनी जिन्दगी की आखरी रमजान समझ कर गुजारेंगे। पता नहीं यह सुनहरा अवसर दोबारा मिले ना मिले। कुरान पाक के सही सही तिलावत का अभ्यास करें। क्योंकि यह महीना कुरआन का महीना है। आस पास के किसी इमाम या उस्ताद से कुरआन पढ़ने की ट्रेनिंग ले लें। माह-ए-रमजान की कुछ खास दुआएं है। जैसे सेहरी व इफ्तार की दुआ, कयाम उल लैल की दुआ, मस्जिद मे आने जाने की दुआ, वजू की दुआ और इसके अतिरिक्त और भी बहुत सारी छोटी-छोटी दुआएं हैं। इसे याद कर लें तो रमजान के स्वागत करने का मजा कुछ और होगा।

खाद्य सामग्री की कीमतों में उछाल

रमजान शुरू होने से पहले ही खाद्य सामग्री की कीमतों के साथ फल और सब्जियों की कीमत भी जबरदस्त उछाल आया है। रमजान का पर्व पकवान के लिए जाना जाता है। रोजेदार लोग इन दिनों चना, पकौड़े, बैंगनी, घुघनी, फुलौरी,पूआ आदि का खूब सेवन करते हैं। इस साल रोजेदारों को महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी।

इससे पहले 1979 में जून माह में था लंबा रोजा

पिछले साल की तरह इस साल भी माह ए रमजान इस बार मोमिनों के सब्र का पूरा इम्तिहान लेने जा रहा है। चिलचिलाती धूप, उमस भरी गरमी और इस दौरान लंबी अवधि तक खाने-पीने की चीजों से दूर रहना होगा। इस बार रोजेदारों को करीब 15 घंटे तक भूख और प्यास को बरदाश्त करना होगा। 36 साल में 2015 पहली बार था जब लोगों को इतने लंबे समय तक रोजा रखना पड़ा था। इससे पहले 1979 में जून माह के दौरान लोगों को सबसे लंबा रोजा रखना पड़ा था। पहले रमजान को सुबह 3.42 मिनट पर सहरी का वक्त खत्म होगा। इसके बाद शाम 6.23 मिनट पर इफ्तार होगा। इस दौरान खाने-पीने की चीजों से पूरी तरह परहेज बरतना होगा।

ऐसे करें रमजान की तैयारी

रातों को जागने का अभ्यास करें

अपने माल का खतियान कर के जकात निकाल लें। इसे रमजान के महीने मे गरीबो, मिस्कीनो, यतीमो और मदरसों आदि मे बांट चर अल्लाह की राह मे खर्च किया जा सके। रमजान से जुड़ी मसाएल और मकद को अच्छी तरह समझ लें बुरी आदतें जैसे झूठ, चुगलु, फुजूल की बातें, गलत बातें आदि से परहेज करें।

खबरें और भी हैं...