उज्ज्वला योजना के तहत लाभुकों को दिए जा रहे मुफ्त गैस सिलेंडर व चूल्हे के साथ मौके पर ही 200 रुपए में लाइटर बेचने को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। हंगामा देख गैस एजेंसी के कर्मी वहां से खिसक गए। इससे करीब तीन दर्जन लाभुकों को इस योजना का गैस व चूल्हा नहीं मिल सका। शहर के धोबी तालाब स्कूल परिसर में चूल्हा व सिलेंडर बांटे जा रहे थे। इस कैंपस में वार्ड संख्या 11 व 12 के 540 लाभुकों को योजना का लाभ दिया जाना था। लिहाजा लाभुक भी सुबह 10 बजे से ही स्कूल कैंपस में जुटने लगे थे। इसी बीच बीस सूत्री सदस्य सह भाजपा नेता मो. बारिक को लाभुक अमित प्रजापति ने बताया कि चूल्हे व सिलेंडर वितरण के क्रम में प्रति लाभुक 200 रुपए भी वसूले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही बारिक मौके पर पहुंचे व वितरण कर रहे लोगों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के क्रम में चूल्हे व सिलेंडर का वितरण कर रहे लोगों ने उन्हें बताया कि गैस चूल्हा व सिलेंडर देने के साथ-साथ लाभुकों का बीमा भी किया जा रहा है। इस वजह से बीमा की ही राशि ली जा रही है। बारिक ने इसका विरोध किया। वहीं मौके पर मौजूद किसी लाभुक ने मोबाइल से वीडियो भी बना लिया।
एजेंसी के कर्मचारी ने लाभुक को पहले लाइटर थमाए, फिर लिए 200 रुपए
लाइटर ब्रिकी का आदेश है: तांती
प्रदीप तांती ने बताया कि मैं गैस एजेंसी में काम करता हूं। एजेंसी द्वारा मुझे लाभुकों के बीच लाइटर बेचने को कहा गया है। लाभुकों को 205 रुपए की लाइटर 200 रुपए में ही दिए जा रहे हैं। हालांकि लाभुकों के बीच लाइटर बेचने को लेकर किसी तरह का सरकारी आदेश मुझे नहीं दिया गया है।
शिकायत मिली तो करेंगे जांच: एमओ
एमओ शिवपूजन सहाय ने कहा कि नियमतः: जिस स्थान पर उज्ज्वला योजना के गैस व चूल्हे का वितरण किया जाता है, वहां लाइटर की बिक्री नहीं की जानी चाहिए। लाभुक अपनी इच्छा से लाइटर की खरीदारी कहीं से भी कर सकते हैं। हालांकि अब तक किसी ने लिखित शिकायत नहीं की है।
बार-बार बयान बदलता रहा एजेंसी का कर्मचारी
करीब डेढ़ घंटे बाद पुन: श्री बारिक स्कूल पहुंचे व लाभुकों से लिए जा रहे पैसे को लेकर सवाल उठाया। इस बार उन्हें बताया गया कि लाभुकों से लाइटर के पैसे लिए जा रहे हैं। लाइटर बेच रहे प्रदीप तांती ने कहा कि लाभुकों को सस्ती दर पर लाइटर दिए जा रहे हैं। गैस चूल्हे व सिलेंडर के साथ उन्हें 200 रुपए का लाइटर लेना जरूरी है। हंगामे के बीच जब बारिक ने लाभुकों से पूछताछ की तो, लाभुक अरबिना बेगम ने बताया गया कि चूल्हा व सिलेंडर के साथ गैस लाइटर खरीदने की मजबूरी की वजह से उसे एक डीलर से कर्ज लेना पड़ा है। रुपए का भुगतान करने के बाद ही उन्हें लाइटर व चूल्हा और सिलेंडर मिल सका है।