आदिवासी सेंगेल अभियान (आसा) व झारखंड दिशोम पार्टी (जेडीपी) की आवश्यक बैठक शनिवार को संघ भवन प्रांगण में आसा जिला मुख्य संयोजक कुशनू कोड़ा की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से सरना धर्म को अविलंब संवैधानिक मान्यता व जनगणना में अलग कोड और कॉलम देने की मांग की गई। साथ ही इस मांग को लेकर झारखंड सरकार की जनविरोधी नीतियों, गलत डोमिसाइल नीति, गलत भूमि अधिग्रहण कानून 2017, कुर्मी, कुड़मी, तेली व घटवार आदि जातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के प्रयास के विरोध में दिनांक 21 मई को आहूत झारखंड, बिहार, बंगाल, ओड़िशा व आसम राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में आंशिक भारत बंद को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की समीक्षा की गई। वहीं बंद को सफल बनाने व इसके लिए जिला में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी तय करने की रणनीति भी बनाई गई। बैठक में बताया गया कि आसा व जेडीपी द्वारा बंदी की पूर्व संध्या पर 20 मई को चाईबासा शहर के अलावा जगन्नाथपुर, बड़ाजामदा व अन्य जगहों पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इस जुलूस के माध्यम से इस बंद को ऐतिहासिक व सफल बनाने के लिए लोगों से सहयोग और समर्थन की अपील की जाएगी। बैठक में मुख्य रूप से झादिपा के जिलाध्यक्ष विनोद गोप, आसा के कोल्हान प्रमंडलीय संयोजक सूबेदार बिरूवा, जिला संयोजक गुरा सिंकू, महती पूर्ति, शिबू पूर्ति, युधिष्ठिर सवैयां, जयसिंह सिंकू, हारिश बोबोंगा व उपेंद्र सुंडी आदि मौजूद थे।