शहरी जलापूर्ति योजना का काम अब भी अधूरा है। शहर के करीब 50 हजार लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए नप अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ठाकुर ने रविवार को गांधी मैदान से 3- 3 हजार लीटर क्षमता वाले पानी के पांच टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर वार्डों के लिए रवाना किया। वहीं वार्डों में पहुंचते ही लोग बर्तन व बाल्टी लेकर टैंकर के पास पहुंच गए और पहले पानी लेने के लिए होड़ मच गई।
इन टैंकरों से अब रोजाना शहर के विभिन्न वार्डों में 60 हजार लीटर पानी की आपूर्ति की जाएगी। नप अध्यक्ष ने कहा कि शहर में हर घरों तक पाइपलाइन से जलापूर्ति करने के लिए नयी शहरी जलापूर्ति योजना का काम चल रहा था, लेकिन करीब 41 करोड़ की यह जलापूर्ति योजना तय अवधि बीतने के बाद भी अधूरी है। इस वजह से पानी की संकट है। उन्होंने कहा कि लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी को भी पानी की समस्या नहीं होने दी जाएगी नप अध्यक्ष ने कहा कि शहरी जलापूर्ति योजना का काम एमएस पर्यावरण लिमिटेड से कराया जा रहा है, लेकिन संवेदक ने हाथ खड़े कर दिए हैं। लिहाजा इस संवेदक को डिबार कर नए लोगों को काम दिया जाएगा, ताकि घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंच सके। अब नए संवेदक को काम देने से पहले उससे बांड भी भरवाया जाएगा। इधर, नप अध्यक्ष ने कहा कि संवेदक करीब 15 से 20 किमी तक पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। वहीं दो जलमीनार का काम भी अधूरा पड़ा है। संवेदक के काम की मद्धिम गति को देखते हुए ऐसा नहीं लग रहा है कि वह काम पूरा कर पाएगा।
नप अध्यक्ष ने 3-3 हजार लीटर की क्षमता वाले पांच टैंकरों को किया रवाना
टैंकर के शहर के वार्ड में पहुंचने के साथ ही पानी लेने के लिए लगी लोगों की कतार।
भास्कर न्यूज | चाईबासा
शहरी जलापूर्ति योजना का काम अब भी अधूरा है। शहर के करीब 50 हजार लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के लिए नप अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ठाकुर ने रविवार को गांधी मैदान से 3- 3 हजार लीटर क्षमता वाले पानी के पांच टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर वार्डों के लिए रवाना किया। वहीं वार्डों में पहुंचते ही लोग बर्तन व बाल्टी लेकर टैंकर के पास पहुंच गए और पहले पानी लेने के लिए होड़ मच गई।
इन टैंकरों से अब रोजाना शहर के विभिन्न वार्डों में 60 हजार लीटर पानी की आपूर्ति की जाएगी। नप अध्यक्ष ने कहा कि शहर में हर घरों तक पाइपलाइन से जलापूर्ति करने के लिए नयी शहरी जलापूर्ति योजना का काम चल रहा था, लेकिन करीब 41 करोड़ की यह जलापूर्ति योजना तय अवधि बीतने के बाद भी अधूरी है। इस वजह से पानी की संकट है। उन्होंने कहा कि लोगों को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी को भी पानी की समस्या नहीं होने दी जाएगी नप अध्यक्ष ने कहा कि शहरी जलापूर्ति योजना का काम एमएस पर्यावरण लिमिटेड से कराया जा रहा है, लेकिन संवेदक ने हाथ खड़े कर दिए हैं। लिहाजा इस संवेदक को डिबार कर नए लोगों को काम दिया जाएगा, ताकि घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंच सके। अब नए संवेदक को काम देने से पहले उससे बांड भी भरवाया जाएगा। इधर, नप अध्यक्ष ने कहा कि संवेदक करीब 15 से 20 किमी तक पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। वहीं दो जलमीनार का काम भी अधूरा पड़ा है। संवेदक के काम की मद्धिम गति को देखते हुए ऐसा नहीं लग रहा है कि वह काम पूरा कर पाएगा।
जलापूर्ति योजना के संवेदक के बैंक खाते को किया फ्रिज
नप अध्यक्ष ने कहा कि शहर में पेयजल की समस्या को लेकर पेयजल व स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रभू दयाल मंडल से मुलाकात की गई है। कार्यपालक अभियंता के अनुसार, संवेदक आर्थिक रूप से दिवालिया हो गया है। संवेदक ने बैंक से काफी लोन ले रखा है और पैसा जमा नहीं कर कर रहा है। इस वजह से बैंक ने उसके खाते को फ्रिज कर रखा है। नतीजनत कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए हैं। मौजूदा समय में कंपनी ने काम रोक रखा है। नप अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व में शहर में पेयजल की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए तीन डिप बोरिंग किए गए थे। लिहाजा पानी की समस्या वाले वार्ड को चिह्नित किया जाएगा।